श्रावण माह 2026 रांची पहाड़ी मंदिर : झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में श्रावण माह 2026 के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंगलवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रावण मेले के सफल संचालन, मंदिर प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली आपूर्ति और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी रांची सदर कुमार रजत, नजारत उपसमाहर्त्ता सुदेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, पहाड़ी मंदिर विकास समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
30 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मास
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को सोमवार पड़ रहा है, जिसके कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहने की संभावना है। नाग पंचमी और पूर्णिमा जैसे विशेष अवसरों पर भी भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान लगाया गया है।
इसी को देखते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने नगर निगम सहित संबंधित विभागों को मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल, चलंत शौचालय, अग्निशमन व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाएगा मजबूत
श्रावण मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि प्रत्येक सोमवार, नाग पंचमी और पूर्णिमा के अवसर पर मेडिकल टीम पूरी तैयारी के साथ तैनात रहे।
मेडिकल टीम के पास आवश्यक दवाइयां, स्ट्रेचर और अन्य चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध रहेंगे ताकि किसी श्रद्धालु के बीमार होने या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
हर वर्ष श्रावण माह के दौरान पहाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
बैठक में आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाने, श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित करने तथा पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और मेडिकल टीम की ड्यूटी इस प्रकार निर्धारित की जाए कि उनकी शिफ्टों में कम-से-कम एक घंटे का ओवरलैप रहे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी समय सुरक्षा या सेवा व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न होने से रोकना है।
निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश
श्रावण मेले के दौरान बिजली व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उपायुक्त ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि गर्भगृह सहित पूरे मंदिर परिसर में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार का बिजली लीकेज, शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आयोजन शुरू होने से एक सप्ताह पूर्व विद्युत सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पूरे आयोजन के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों की 24 घंटे प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
सड़कों और ड्रेनेज व्यवस्था में होगा सुधार
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी के पास सर्विस रोड की मरम्मत तथा पहाड़ी मंदिर के आसपास के संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
बारिश के मौसम को देखते हुए ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने और खुली नालियों को ढंकने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सड़क और जल निकासी व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आवागमन में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
अतिक्रमण हटाने और स्वच्छता अभियान पर जोर
बैठक में मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा साफ-सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाने की बात कही गई।
प्रशासन ने लोगों को प्लास्टिक थैलियों का उपयोग नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी निर्णय लिया है। स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आयोजन के लिए नगर निगम, प्रशासन और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
संचार व्यवस्था को बनाया जाएगा और प्रभावी
श्रावण मेले के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए वॉकी-टॉकी खरीदने का निर्णय लिया गया है। इससे पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच त्वरित संचार संभव होगा तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े आयोजनों में प्रभावी संचार व्यवस्था सफल प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी होती है।
मंदिर समिति के वित्तीय मामलों की समीक्षा
बैठक में रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पिछले एक वर्ष के बैंक लेन-देन का विवरण प्राप्त करने के बाद संबंधित बैंक खाते को बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा मंदिर संचालन और विकास से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल
बैठक के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य श्रावण माह के दौरान आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
रांची का पहाड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और श्रावण मास के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियां इस वर्ष के श्रावण मेले को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।







