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गिरिडीह में करंट लगने से युवक की मौत, बिजली गिरने से 20 घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी हुए खराब | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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गिरिडीह करंट से युवक की मौत : गिरिडीह में आकाशीय बिजली और बिजली आपूर्ति से जुड़े हादसे में एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि करीब 20 घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। जानें पूरी घटना और प्रशासन की कार्रवाई। झारखंड के गिरिडीह जिले में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई, वहीं तेज गर्जन और बिजली गिरने के बाद क्षेत्र के लगभग 20 घरों में लगे टीवी, फ्रिज, पंखे, इनवर्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं।

कैसे हुआ हादसा?

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में तेज बारिश के साथ अचानक आकाशीय बिजली कड़की। इसी दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था में गड़बड़ी होने से एक युवक करंट की चपेट में आ गया। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

युवक की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है और लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

20 घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हुए खराब

घटना के दौरान तेज वोल्टेज और बिजली गिरने के कारण आसपास के करीब 20 घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके टीवी, रेफ्रिजरेटर, इनवर्टर, मोबाइल चार्जर, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण जल गए।

ग्रामीणों के अनुसार, इससे हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। कई परिवारों ने बताया कि अचानक तेज आवाज के साथ बिजली आई और कुछ ही सेकंड में उपकरण बंद हो गए।

ग्रामीणों ने उठाई मुआवजे की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा जिन घरों के उपकरण खराब हुए हैं, उन्हें भी उचित मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था बेहतर होती और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाते हैं ऐसे हादसे?

मानसून के दौरान बिजली गिरने, हाई वोल्टेज और बिजली आपूर्ति में उतार-चढ़ाव के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब वायरिंग, खुले बिजली के तार और अर्थिंग की कमी भी करंट लगने की बड़ी वजह बनती है।

तेज बारिश और आकाशीय बिजली के समय घरों में लगे संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है।

ऐसे करें बचाव

  • बारिश और बिजली कड़कने के दौरान अनावश्यक रूप से बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें।
  • टीवी, कंप्यूटर और अन्य महंगे उपकरणों का प्लग निकाल दें।
  • बिजली के खुले तारों से दूर रहें।
  • घर में अच्छी गुणवत्ता की अर्थिंग और सर्ज प्रोटेक्टर लगवाएं।
  • किसी व्यक्ति को करंट लगने पर तुरंत मुख्य बिजली सप्लाई बंद करें और बिना देरी अस्पताल पहुंचाएं।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

घटना के बाद लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी वोल्टेज की समस्या रहती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों ने मांग की कि बिजली लाइनों की जांच कर आवश्यक मरम्मत की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

प्रशासन से उम्मीद

पीड़ित परिवार और प्रभावित ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द नुकसान का आकलन कर उचित राहत देगा। साथ ही बिजली विभाग भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करेगा।

निष्कर्ष

गिरिडीह की यह घटना एक बार फिर मानसून के दौरान बिजली सुरक्षा की गंभीरता को सामने लाती है। एक ओर जहां एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया, वहीं कई परिवारों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते बिजली सुरक्षा उपाय अपनाकर और विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाकर ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। प्रशासन, बिजली विभाग और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है कि बरसात के मौसम में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

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