JPSC ACF परीक्षा 2025 में प्रश्नपत्र गड़बड़ी: गलत सवालों पर अभ्यर्थियों का विरोध, जांच की मांग तेज | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट फॉरेस्ट कंजरवेटर (Assistant Conservator of Forest – ACF) प्रारंभिक परीक्षा 13 जुलाई 2025 (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई थी। यह परीक्षा ऑफलाइन (OMR आधारित) मोड में हुई, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा राज्य भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी और कुल 78 पदों पर भर्ती के लिए यह प्रक्रिया चल रही है।

अब JPSC ACF परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि प्रश्नपत्र में कई सवाल गलत थे, जिससे उनके परिणाम पर असर पड़ सकता है।

प्रश्नपत्र में कई त्रुटियों का आरोप

अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा में पूछे गए कई प्रश्न या तो सिलेबस से बाहर थे या उनके विकल्प (options) ही गलत थे। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक सही उत्तर बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ में कोई भी विकल्प सही नहीं बताया जा रहा। छात्रों का कहना है कि इस तरह की गलतियों से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आयोग के खिलाफ नाराजगी जताई है और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं | परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों ने JPSC से मांग की है कि गलत प्रश्नों को रद्द किया जाए या उनके लिए बोनस अंक दिए जाएं। साथ ही, कुछ अभ्यर्थियों ने पूरी परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा कराने की भी मांग की है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी रास्ता भी अपना सकते हैं।

आयोग की भूमिका पर उठे सवाल

यह पहली बार नहीं है जब JPSC की परीक्षा को लेकर विवाद हुआ है। इससे पहले भी आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में इस बार भी प्रश्नपत्र की गुणवत्ता पर सवाल उठना आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह की गलतियां अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान हैं और इससे संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

फिलहाल अभ्यर्थी आयोग द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) का इंतजार कर रहे हैं। संभावना है कि उत्तर कुंजी जारी होने के बाद आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।

इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने प्रश्नों में त्रुटि थी और आयोग इस पर क्या फैसला लेता है—बोनस अंक, प्रश्न रद्द या पुनः परीक्षा।

क्या है चयन प्रक्रिया

JPSC ACF भर्ती में चयन प्रक्रिया कई चरणों में होती है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा(Prelims), मुख्य परीक्षा(Mains), शारीरिक परीक्षण (Medical)और इंटरव्यू शामिल हैं। प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग के लिए होती है, लेकिन इसमें हुई गड़बड़ी आगे की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

निष्कर्ष

JPSC ACF परीक्षा में प्रश्नपत्र की त्रुटियों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर आयोग के अगले कदम पर है, जिससे यह तय होगा कि अभ्यर्थियों को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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