रांची में तंबाकू पर बड़ी कार्रवाई : तंबाकू एवं तंबाकू जनित पदार्थों के सेवन और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) रांची श्री कुमार रजत के निर्देश पर लालपुर और सदर थाना क्षेत्र में गठित विशेष छापामार दस्ते ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों, बार एवं लॉन्ज सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य कोटपा संशोधन अधिनियम 2025 के तहत निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना और तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री एवं प्रचार-प्रसार पर रोक लगाना था। प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर में स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छापेमारी अभियान का नेतृत्व
इस विशेष अभियान का नेतृत्व टोबैको कंट्रोल सेल के डिस्ट्रिक्ट कंसलटेंट सुशांत कुमार ने किया। उनके साथ संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल भी मौजूद रहे। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर निरीक्षण किया और नियमों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री, खुले में सेवन और प्रचार-प्रसार से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाया गया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए।
सार्वजनिक स्थानों पर सख्त जांच
छापामार दस्ते ने जिन प्रमुख स्थानों पर जांच की, उनमें शामिल हैं—
- सार्वजनिक स्थल
- सरकारी और निजी कार्यालय
- अस्पताल परिसर
- शिक्षण संस्थान
- बार एवं लॉन्ज
- रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान
जांच के दौरान पाया गया कि कुछ स्थानों पर निर्धारित चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित नहीं किए गए थे, जबकि कुछ जगहों पर प्रतिबंधित क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री हो रही थी। कई स्थानों पर खुले में धूम्रपान भी देखा गया, जो कानूनन अपराध है।

12 हजार रुपये का जुर्माना
जिला प्रशासन ने जांच के दौरान दोषी पाए गए उल्लंघनकर्ताओं पर कुल 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों को सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन दोबारा न हो।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कोटपा संशोधन अधिनियम 2025 के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, दफ्तरों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, बार एवं रेस्टोरेंट आदि क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री, सेवन और प्रचार-प्रसार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कोटपा संशोधन अधिनियम 2025: क्या कहता है कानून?
कोटपा (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर रोक लगाना, नाबालिगों को तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार को नियंत्रित करना है।
संशोधित अधिनियम 2025 के तहत—
- सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री गैरकानूनी है।
- तंबाकू उत्पादों का प्रत्यक्ष या परोक्ष विज्ञापन दंडनीय अपराध है।
- उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर प्रशासन की प्राथमिकता
तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। विशेष रूप से युवाओं और किशोरों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना भी है। दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को कानून के प्रावधानों की जानकारी दी गई और उन्हें नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान
छापामार दस्ते ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक दिन की औपचारिकता नहीं है। भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची के निर्देश पर चलाया गया यह अभियान शहर में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे तंबाकू निषेध कानून का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से बचें। साथ ही, यदि कहीं अवैध बिक्री या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिले, तो प्रशासन को सूचित करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि कानून के साथ-साथ जनसहभागिता भी तंबाकू नियंत्रण में अहम भूमिका निभाती है। यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो युवाओं को तंबाकू की लत से बचाया जा सकता है।
निष्कर्ष
रांची के लालपुर और सदर थाना क्षेत्र में चलाया गया यह विशेष छापेमारी अभियान प्रशासन की सख्त और सक्रिय कार्यशैली का प्रमाण है। 12 हजार रुपये के जुर्माने और चेतावनी के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कानूनों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तंबाकू नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन की यह पहल शहर में स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों की निरंतरता से नियमों के प्रति जागरूकता और अनुपालन दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।




