विधानसभा समिति : झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम जिले का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन किया। इस दौरान जमशेदपुर स्थित परिसदन भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। उनके साथ समिति के सदस्य श्री मंगल कालिंदी और श्री रोशन लाल चौधरी भी मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान समिति ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की। खास तौर पर यांत्रिकी विभागों के माध्यम से चल रहे आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) से जुड़ी योजनाओं की पूर्णता, अपूर्णता और उपयोगिता की समीक्षा की गई।
समिति ने पाया कि कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिसके कारण आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
किन-किन विभागों की हुई समीक्षा?
बैठक में कई अहम विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- विधायक फंड से संचालित योजनाएं
- आपूर्ति विभाग
- कल्याण विभाग
- ग्रामीण विकास विभाग
- जेएनएसी (नगर निगम)
- खनन विभाग
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- भवन निर्माण विभाग
- पथ निर्माण विभाग
- जिला परिषद
- लघु सिंचाई विभाग
- शहरी जलापूर्ति योजनाएं
इन सभी विभागों को उनकी योजनाओं की स्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर जवाबदेह ठहराया गया।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
समिति ने विशेष रूप से किसानों की आय वृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ा जाए, ताकि वे अपनी उपज बढ़ा सकें और अधिक आय अर्जित कर सकें।
इसके साथ ही किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।
राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता जरूरी
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान खाद्यान्न वितरण प्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
समिति ने कहा कि:
- राशन वितरण में पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाए
- शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए
- किसी राशन डीलर पर कार्रवाई होने की स्थिति में लाभुकों को नजदीकी दुकान से जोड़कर राशन उपलब्ध कराया जाए
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी लाभुक को राशन से वंचित न रहना पड़े।
धान अधिप्राप्ति और भुगतान में तेजी के निर्देश
समिति ने पैक्स (PACS) के माध्यम से की जा रही धान खरीद प्रक्रिया की भी समीक्षा की।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि:
- किसानों को समय पर भुगतान किया जाए
- धान खरीद प्रक्रिया को सरल और सुचारू बनाया जाए
- निबंधित किसानों से अधिकतम खरीद सुनिश्चित की जाए
यह कदम किसानों के हित में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधूरी योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश
यांत्रिकी विभागों के तहत चल रही कई योजनाओं में देरी को लेकर समिति ने नाराजगी जताई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि:
- सभी स्वीकृत योजनाओं को नियमानुसार शुरू किया जाए
- गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए
- निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए
इसके अलावा, भूमि विवाद या अन्य कारणों से रुकी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर समाधान निकालने को कहा गया।
छात्रवृत्ति वितरण में देरी न हो
बैठक में विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया कि:
- समय पर अधियाचना भेजी जाए
- छात्रवृत्ति का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए
इससे छात्रों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी और उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
अवैध खनन और प्रदूषण पर सख्ती
खनन विभाग को जिले में हो रही अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया गया कि:
- औद्योगिक इकाइयों द्वारा नदियों और नालों में छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी पर तुरंत कार्रवाई की जाए
- पर्यावरण संरक्षण के लिए निगरानी बढ़ाई जाए
यह कदम पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
समिति के सभापति श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि:
- कार्य में पारदर्शिता हो
- जवाबदेही तय हो
- योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- उप विकास आयुक्त – श्री नागेंद्र पासवान
- जेएनएसी के उप नगर आयुक्त – श्री कृष्णा कुमार
- जिला परिवहन पदाधिकारी – श्री धनंजय
- एडीसी – श्री संतोष गर्ग
- एडीएम एसओआर – श्री राहुल आनंद
- कल्याण पदाधिकारी – श्री शंकराचार्य समद
- डीसीएलआर – श्री सचिदानंद महतो
इसके अलावा विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का यह दौरा पूर्वी सिंहभूम जिले के विकास कार्यों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।इस बैठक के जरिए जहां योजनाओं की खामियों को उजागर किया गया, वहीं अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से काम करने के निर्देश भी दिए गए।अब देखने वाली बात यह होगी कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है और आम जनता को इसका कितना लाभ मिलता है।




