Ranchi Drug Bust : झारखंड की राजधानी राँची में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिनांक 12 अप्रैल 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अरगोड़ा और सुखदेव नगर थाना क्षेत्रों में संयुक्त छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में ब्राउन शुगर, नकद राशि, मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की गई है। यह पूरी कार्रवाई राँची पुलिस की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची को यह सूचना प्राप्त हुई थी कि अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू और सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के विद्यानगर इलाके में कुछ लोग मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में सक्रिय हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक, हटिया द्वारा किया गया, जिसमें अरगोड़ा थाना और सुखदेव नगर थाना के पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। टीम को निर्देश दिया गया कि वे तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी करें।
योजनाबद्ध छापेमारी और गिरफ्तारी
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरमू और विद्यानगर इलाके में छापेमारी शुरू की। पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध और गोपनीय तरीके से की गई, ताकि आरोपी किसी भी प्रकार से बच न सकें।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो व्यक्तियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया, जो मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त पाए गए। पुलिस ने मौके से अवैध ड्रग्स और बिक्री से प्राप्त नकद राशि भी बरामद की।
बरामद सामग्री का विवरण
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में निम्नलिखित सामान बरामद किया गया:
- ब्राउन शुगर (ब्राउन स्टोन) – 7.36 ग्राम
- नकद राशि – ₹4,640/-
- मोबाइल फोन – 01
- स्कूटी (एक्टिवा) – रजिस्ट्रेशन संख्या JH01GF4158
बरामद ब्राउन शुगर की मात्रा भले ही कम प्रतीत हो, लेकिन यह स्थानीय स्तर पर ड्रग्स सप्लाई के नेटवर्क की ओर संकेत करती है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है:
- मुहम्मद सोहेल खान (60 वर्ष), निवासी – आजाद हिंद नगर, भट्ठा मोहल्ला, थाना अरगोड़ा, जिला राँची
- दिवाकर कुमार (26 वर्ष), निवासी – मुक्तिधाम, हरमू, थाना अरगोड़ा, जिला राँची
दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 87/26, दिनांक 12/04/2026 के तहत धारा 21(b), 22(b) और 29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री, परिवहन और साजिश जैसे अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर लंबी जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान होता है।
न्यायालय में पेशी और जेल भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में होटवार जेल भेज दिया गया है।पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
राँची में बढ़ता ड्रग्स का खतरा
पिछले कुछ वर्षों में राँची समेत पूरे झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर शहरी इलाकों में युवाओं को निशाना बनाकर ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है।ब्राउन शुगर, गांजा और सिंथेटिक ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ-साथ इनके नेटवर्क भी तेजी से फैल रहे हैं। यह न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
राँची पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।इसके साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
समाज की भूमिका भी अहम
ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है, वहीं स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाना भी जरूरी है।युवाओं को यह समझाना होगा कि नशा न केवल उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उनके भविष्य को भी बर्बाद कर सकता है।
निष्कर्ष
राँची पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रही मुहिम का एक अहम हिस्सा है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी से यह साफ है कि पुलिस अब इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
हालांकि, इस समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब पुलिस, प्रशासन और समाज मिलकर इस दिशा में काम करें। आने वाले समय में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है, जिससे राँची को एक सुरक्षित और नशा मुक्त शहर बनाया जा सके।




