Homeरांची न्यूज़रांची के पंडरा में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा, तीन गिरफ्तार; पोर्टेबल...

रांची के पंडरा में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा, तीन गिरफ्तार; पोर्टेबल USG मशीन जब्त | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

- Advertisement -spot_img

रांची अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर : झारखंड की राजधानी रांची में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों और भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पंडरा इलाके में संचालित एक कथित अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन भी जब्त की गई। प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई जिला प्रशासन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड संचालन और भ्रूण लिंग निर्धारण जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि पंडरा स्थित रवि स्टील चौक के समीप एक मकान में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान टीम ने तीन लोगों को कथित रूप से पोर्टेबल यूएसजी मशीन के माध्यम से अल्ट्रासाउंड करते हुए पकड़ा। मौके से मशीन सहित कई दस्तावेज और अन्य सामग्री भी जब्त की गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार

प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरंजन कुमार, आकाश कुमार और शीला कुमारी के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार तीनों पर बिना अनुमति और बिना पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित करने का आरोप है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह केंद्र कब से संचालित हो रहा था और इसके माध्यम से कितने लोगों को सेवाएं दी जा रही थीं।

पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में पीसी-पीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कानून भ्रूण के लिंग निर्धारण और उससे जुड़ी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया गया है।

सिविल सर्जन कार्यालय ने संबंधित थाना को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। जब्त किए गए साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।

क्या है पीसी-पीएनडीटी एक्ट?

पीसी-पीएनडीटी एक्ट भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसका उद्देश्य भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाना है।

इस कानून के तहत:

  • भ्रूण का लिंग बताना या जांच करना प्रतिबंधित है।
  • बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना अपराध है।
  • दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।
  • मशीन जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

झारखंड में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी बढ़ी

हाल ही में झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में एक हजार से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। विभाग का उद्देश्य अवैध गतिविधियों, लिंग चयन और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ाना है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि राज्य में पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों प्रकार के केंद्रों की नियमित जांच की जाएगी।

बेटी बचाओ अभियान को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मजबूत करने में मदद करेगी। भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी गतिविधियां समाज में लैंगिक असंतुलन पैदा करती हैं।

प्रशासन का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता जरूरी

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं केवल अधिकृत और पंजीकृत केंद्रों पर ही करानी चाहिए। अपंजीकृत केंद्रों पर जांच कराने से मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा ऐसे केंद्रों के माध्यम से कानून का उल्लंघन होने की आशंका भी बनी रहती है।

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना

पंडरा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच अभियान चलाए जाने चाहिए।

सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार की गतिविधि करने का साहस न कर सके।

निष्कर्ष

रांची के पंडरा क्षेत्र में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हुई छापेमारी झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून पालन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और पोर्टेबल यूएसजी मशीन की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन अवैध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ गंभीर है।

आने वाले दिनों में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही यह कार्रवाई राज्यभर में संचालित अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लिए कड़ा संदेश भी मानी जा रही है।

हमारे सोशल मीडिया से जुड़ें
18,600FansLike
2,607FollowersFollow
1,236FollowersFollow
1,347SubscribersSubscribe
और पढ़ें
कैटेगरीज़
जुड़ी खबरें
ब्रेकिंग न्यूज़
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here