Jharkhand Model Agriculture Village 2026: झारखंड सरकार ने राज्य में खेती को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाने की दिशा में Model Agriculture Villages और Model Agriculture Panchayats विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जुलाई 2026 में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को हर जिले में गांव या पंचायत की पहचान कर किसानों की जरूरतों का विस्तृत सर्वे करने का निर्देश दिया। इसके बाद उसी क्षेत्र की वास्तविक जरूरत के आधार पर सरकारी योजनाओं को लागू करने की योजना है।
इस पहल में सिंचाई, मिट्टी जांच, आधुनिक खेती, किसान प्रशिक्षण, कृषि से जुड़े व्यवसाय और सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ जैसे विषयों पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि इसे अभी एक ऐसी पहल के रूप में समझना जरूरी है जो चरणबद्ध तरीके से विकसित की जा रही है; हर जिले के गांवों की अंतिम सूची और सभी सुविधाओं का विस्तृत पैकेज अभी अलग-अलग सरकारी आदेशों के अनुसार तय होना बाकी है।
क्या है Jharkhand Model Agriculture Village Scheme 2026?
झारखंड में खेती से जुड़ी सरकारी योजनाओं को एक समान तरीके से लागू करने के बजाय गांव की वास्तविक जरूरत के आधार पर योजना तैयार करने का विचार इस पहल का मुख्य आधार है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार हर जिले में ऐसे गांव या पंचायत की पहचान की जाएगी जहां कृषि की स्थिति, किसानों की समस्याओं और उपलब्ध संसाधनों का अध्ययन किया जा सके। इसके लिए किसानों की जरूरतों का detailed survey किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि जिस क्षेत्र में सिंचाई की कमी होगी, वहां पानी और irrigation infrastructure पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है। जिस क्षेत्र में मिट्टी की गुणवत्ता की समस्या होगी, वहां soil testing और balanced nutrient management पर फोकस किया जा सकता है।
हर जिले में मॉडल कृषि गांव बनाने की तैयारी
इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर जिले में गांव या पंचायत की पहचान करने की योजना है।
सरकार का उद्देश्य ऐसा agricultural model तैयार करना है जिसे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जा सके और सफल होने पर दूसरे क्षेत्रों में भी दोहराया जा सके।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अनुसार शुरुआती चरण में ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान देने की योजना है जहां बड़ी मात्रा में fallow या uncultivated land उपलब्ध है। सफल होने पर मॉडल को राज्य के अन्य हिस्सों में भी विस्तार दिया जा सकता है।
इसलिए किसानों के लिए यह पहल सिर्फ एक “मॉडल गांव” बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य खेती की productivity और ग्रामीण livelihood को मजबूत करना है।
किसानों का Survey क्यों किया जाएगा?
Model Agriculture Village की योजना में सबसे महत्वपूर्ण कदम farmer survey है।
सरकार का मानना है कि किसी गांव में योजना लागू करने से पहले यह पता होना चाहिए कि वहां किसानों की सबसे बड़ी समस्या क्या है।
Survey में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर इन विषयों को देखा जा सकता है:
- किसानों के पास कितनी कृषि भूमि है
- कितनी भूमि पर खेती हो रही है
- कितनी भूमि fallow है
- सिंचाई की उपलब्धता
- प्रमुख फसलें
- मिट्टी की स्थिति
- खेती में आने वाली समस्याएं
- बीज और कृषि inputs की उपलब्धता
- पशुपालन और मत्स्यपालन की संभावनाएं
- किसानों की बाजार तक पहुंच
- सरकारी योजनाओं का वर्तमान लाभ
- किसान समूह/FPO की स्थिति
इस तरह की जानकारी के आधार पर योजनाओं को अधिक targeted बनाया जा सकता है।
Soil Testing पर विशेष जोर
Model Agriculture Village initiative में soil testing facilities को महत्वपूर्ण infrastructure gap के रूप में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान soil testing facilities और irrigation systems जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
मिट्टी की जांच से किसानों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि उनके खेत में कौन-से nutrients कम या अधिक हैं।
इससे किसान:
- जरूरत के अनुसार fertilizer इस्तेमाल कर सकते हैं
- balanced nutrient management अपना सकते हैं
- खेती की लागत को नियंत्रित करने की कोशिश कर सकते हैं
- मिट्टी की fertility को बनाए रख सकते हैं
- उपयुक्त फसल और खेती की तकनीक चुन सकते हैं
रांची में जून 2026 में ICAR-RCER द्वारा आयोजित FPO-scientist-farmer workshop में भी soil fertility, balanced fertilizer use, green manuring, vermicomposting और soil conservation पर जोर दिया गया था।
सिंचाई व्यवस्था में हो सकता है सुधार
झारखंड की खेती के लिए irrigation एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। राज्य के Water Resources Department के अनुसार राज्य की बड़ी आबादी agriculture पर निर्भर है और irrigation coverage को बढ़ाना कृषि productivity के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
Model Agriculture Village में स्थानीय जरूरत के अनुसार:
- Farm pond
- Irrigation systems
- Water harvesting
- Drip irrigation
- Sprinkler irrigation
- Water distribution systems
जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जा सकता है।
हालांकि कौन-सी सुविधा किस गांव में मिलेगी, यह survey और संबंधित scheme की eligibility पर निर्भर करेगा।
Micro Irrigation से किसानों को फायदा
झारखंड के Per Drop More Crop (PDMC) programme में drip और sprinkler irrigation को बढ़ावा दिया जाता है। सरकारी programme information के अनुसार micro-irrigation का उद्देश्य पानी की efficiency बढ़ाना, crop productivity सुधारना और irrigated area का विस्तार करना है।
Model Agriculture Village में ऐसी existing schemes को स्थानीय जरूरत के हिसाब से जोड़ने की संभावना महत्वपूर्ण हो सकती है।
उदाहरण के लिए यदि किसी गांव में पानी उपलब्ध है लेकिन खेत तक पानी पहुंचाने की समस्या है, तो micro-irrigation infrastructure ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
Model Farmer Schools भी होंगे महत्वपूर्ण
Model Agriculture Village initiative का एक और बड़ा हिस्सा Model Krishak Pathshala यानी Model Farmer Schools है।
सरकार की योजना के अनुसार कम से कम हर जिले में एक गांव या पंचायत में Model Farmer School स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन centres में किसानों को modern और technology-driven farming practices की training देने पर जोर होगा।
कृषि मंत्री के अनुसार सरकार चरणबद्ध तरीके से 100 farmer schools स्थापित करने का लक्ष्य रख रही है और 57 schools पहले ही स्थापित किए जा चुके थे। चौथे चरण की शुरुआत की बात भी कही गई है।
किसानों को आधुनिक खेती की Training
Model Farmer Schools के माध्यम से किसानों को खेती की नई तकनीकों की जानकारी देने की योजना है।
Training में स्थानीय जरूरत के अनुसार:
- Improved farming techniques
- Climate-resilient agriculture
- Crop diversification
- Soil management
- Water management
- Modern agricultural machinery
- Pest management
- Post-harvest management
- Value addition
- Marketing
जैसे विषय शामिल किए जा सकते हैं।
सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों और research institutions के साथ coordination बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
Fallow Land पर भी रहेगा ध्यान
Model Agriculture Village initiative का शुरुआती focus उन क्षेत्रों पर हो सकता है जहां बड़ी मात्रा में खाली या uncultivated agricultural land है।
झारखंड में यदि ऐसी जमीन को बेहतर irrigation, suitable crops और modern farming techniques के साथ खेती में लाया जाता है तो इससे:
- खेती का क्षेत्र बढ़ सकता है
- ग्रामीण रोजगार बढ़ सकता है
- किसानों की आय के अवसर बढ़ सकते हैं
- स्थानीय food production बढ़ सकता है
हालांकि जमीन की ownership, suitability, water availability और farmers की willingness जैसे factors भी महत्वपूर्ण होंगे।
Agriculture के साथ Fisheries और Animal Husbandry
इस पहल का एक महत्वपूर्ण aspect integrated rural economy है।
सरकार के अनुसार model villages में केवल crop farming पर ध्यान नहीं होगा। कुछ clusters में स्थानीय जरूरत के अनुसार fisheries और animal husbandry से जुड़ी योजनाओं को भी coordinated तरीके से लागू करने की योजना है।
इससे किसान अपनी income को एक ही फसल पर निर्भर रखने के बजाय agriculture के साथ allied activities से भी जोड़ सकते हैं।
उदाहरण के लिए:
खेती + पशुपालन + मत्स्यपालन
जैसा integrated model स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विकसित किया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं का Targeted Implementation
Model Agriculture Village का एक बड़ा उद्देश्य यह है कि सरकारी schemes को one-size-fits-all approach के बजाय local requirements के अनुसार लागू किया जाए।
मान लीजिए किसी पंचायत में:
- सिंचाई सबसे बड़ी समस्या है
तो irrigation-focused interventions को priority मिल सकती है।
दूसरे गांव में:
- soil fertility की समस्या है
तो soil testing और nutrient management पर focus किया जा सकता है।
किसी अन्य क्षेत्र में:
- market access कमजोर है
तो FPO, processing और marketing infrastructure को प्राथमिकता दी जा सकती है।
यही targeted approach इस initiative को सामान्य scheme implementation से अलग बनाती है।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
Model Agriculture Village का अंतिम उद्देश्य सिर्फ infrastructure तैयार करना नहीं है।
खेती की productivity बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर market access, value addition और allied activities से जोड़ना भी महत्वपूर्ण होगा।
जून 2026 में ICAR-RCER, Ranchi में हुए FPO-scientist-progressive farmer workshop में value addition, branding और agricultural produce marketing पर भी जोर दिया गया।
अगर model villages में production के साथ processing और marketing को भी जोड़ा जाता है तो किसानों को raw produce बेचने के बजाय value-added products से बेहतर income opportunities मिल सकती हैं।
FPO और Farmer Groups की भूमिका
Farmer Producer Organisation (FPO) model villages में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
FPO के माध्यम से किसान:
- Input खरीद में collective bargaining कर सकते हैं
- Produce को collectively market कर सकते हैं
- Processing activities शुरू कर सकते हैं
- Government schemes की जानकारी साझा कर सकते हैं
- Technology और training तक पहुंच बना सकते हैं
ICAR-RCER ने जून 2026 में Ranchi में FPO members, scientists और progressive farmers के साथ workshop आयोजित की थी, जिसमें FPOs को 5–10 गांवों के clusters से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
Natural Farming से भी जुड़ सकता है Model
झारखंड के Model Agriculture Village को sustainable agriculture के broader goals से जोड़ने की संभावना है।
केंद्र सरकार की National Mission on Natural Farming (NMNF) में Gram Panchayat-level clusters, model demonstration farms और farmer training का प्रावधान है। इसका उद्देश्य natural farming, soil health, biodiversity और climate resilience को बढ़ावा देना है।
इसलिए जहां स्थानीय परिस्थितियां अनुकूल हों, वहां natural farming और sustainable agriculture practices को भी farmer training और demonstration activities के माध्यम से बढ़ावा दिया जा सकता है।
लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर Model Agriculture Village को स्वतः NMNF village नहीं माना जा सकता। दोनों initiatives की अपनी अलग guidelines और eligibility हैं।
किसानों को कौन-कौन से संभावित Benefits मिल सकते हैं?
Model Agriculture Village initiative के तहत benefits गांव की जरूरत और संबंधित schemes के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
संभावित focus areas में शामिल हैं:
1. Soil Testing
खेत की मिट्टी की स्थिति समझने में मदद।
2. Better Irrigation
स्थानीय जरूरत के अनुसार irrigation infrastructure पर ध्यान।
3. Farmer Training
Modern और technology-based farming practices की जानकारी।
4. Crop Diversification
एक ही फसल पर निर्भरता कम करने के लिए suitable alternative crops पर जोर।
5. Allied Activities
पशुपालन और fisheries को agriculture के साथ जोड़ना।
6. FPO Support
किसानों को collective marketing और value addition से जोड़ने की संभावना।
7. Better Scheme Delivery
Eligible किसानों तक सरकारी योजनाओं को targeted तरीके से पहुंचाने का प्रयास।
क्या हर किसान को सीधे पैसा मिलेगा?
नहीं, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा।
Model Agriculture Village initiative को सीधे cash-transfer scheme की तरह नहीं समझना चाहिए।
इसका focus मुख्य रूप से:
- infrastructure
- training
- survey
- irrigation
- soil testing
- technology
- coordinated scheme implementation
जैसे areas पर है।
अगर किसी farmer को किसी individual government scheme के तहत financial assistance मिलती है, तो उसके लिए उस particular scheme की eligibility और application process अलग होगी।
कौन-कौन से किसान लाभ उठा सकते हैं?
Model village में रहने वाले eligible farmers को स्थानीय interventions का लाभ मिल सकता है, लेकिन हर किसान को हर सुविधा automatic नहीं मिलेगी।
लाभ scheme-specific हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए:
- Irrigation assistance के लिए अलग eligibility
- Agriculture equipment के लिए अलग rules
- Crop insurance के लिए अलग conditions
- KCC के लिए banking eligibility
- Horticulture scheme के लिए अलग guidelines
इसलिए किसानों को local Agriculture Department और संबंधित scheme की official notification से जानकारी verify करनी चाहिए।
Jharkhand के किन जिलों में लागू होगा?
सरकार की योजना के अनुसार हर जिले में गांव या पंचायत की पहचान करने की दिशा में काम किया जा रहा है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट में अभी सभी जिलों के लिए final selected villages/panchayats की पूरी official list जारी नहीं हुई है।
इसलिए अभी किसी भी जिले के किसी विशेष गांव को “final Model Agriculture Village” घोषित करना सही नहीं होगा, जब तक सरकार की official list/notification जारी न हो।
Model Agriculture Village 2026 की संभावित प्रक्रिया
इस initiative को आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं:
जिला चयन → गांव/पंचायत की पहचान → Farmer Survey → समस्या की पहचान → Agriculture Plan → संबंधित Schemes का Convergence → Training & Infrastructure → Monitoring → सफल मॉडल का विस्तार
यह approach स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार agriculture development को अधिक targeted बनाने में मदद कर सकती है।
किसानों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर आप Jharkhand के किसान हैं तो अभी से अपने documents और agriculture-related information तैयार रखें।
जरूरी चीजें
- Aadhaar
- Bank Account
- Mobile Number
- Land-related documents
- Farmer registration details
- KCC details, यदि है
- Crop information
- Soil test report, यदि उपलब्ध है
- Relevant caste/income documents, जहां scheme में लागू हों
साथ ही अपने Block Agriculture Office, District Agriculture Office और local agriculture officials से नई योजना के बारे में जानकारी लेते रहें।
Official Websites जहां किसान जानकारी देख सकते हैं
Jharkhand Agriculture Department
Jharkhand Department of Agriculture – Official Website
यहां agriculture department की notifications, schemes और departmental updates उपलब्ध होते हैं।
Directorate of Agriculture
Directorate of Agriculture, Jharkhand
Directorate की official page पर latest uploaded documents और agriculture-related departments की जानकारी मिलती है।
Jharkhand Micro Irrigation / PDMC
Jharkhand PDMC – Per Drop More Crop
Drip और sprinkler irrigation तथा micro-irrigation support से संबंधित जानकारी यहां देखी जा सकती है।
Jharkhand Panchayati Raj Department
Jharkhand Panchayati Raj Department
Panchayat-level development और e-GramSwaraj जैसे resources के लिए official source।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Jharkhand Model Agriculture Village Scheme 2026 क्या है?
यह झारखंड सरकार की proposed/being-developed initiative है जिसमें हर जिले में गांव या पंचायत की पहचान कर स्थानीय कृषि जरूरतों के आधार पर योजनाओं और सुविधाओं को targeted तरीके से लागू करने की योजना है।
क्या हर जिले में Model Agriculture Village बनेगा?
सरकार ने हर जिले में गांव या पंचायत की पहचान करने का निर्देश दिया है। अंतिम selected villages की district-wise official list अलग से जारी होने की प्रतीक्षा करनी होगी।
Model Agriculture Village में किसानों को क्या मिलेगा?
Focus में soil testing, irrigation, farmer training, modern farming, allied activities और government schemes के targeted implementation जैसे areas शामिल हैं।
क्या किसानों को सीधे ₹10,000 या ₹20,000 मिलेंगे?
अभी इसे direct cash benefit scheme के रूप में घोषित नहीं किया गया है। Benefits संबंधित agriculture schemes और local development interventions पर निर्भर होंगे।
क्या Model Agriculture Village में सिंचाई की सुविधा मिलेगी?
सिंचाई को प्रमुख infrastructure gap के रूप में चिन्हित किया गया है। स्थानीय survey के आधार पर irrigation-related interventions की योजना बनाई जा सकती है।
क्या मिट्टी की जांच होगी?
हां, soil testing facilities को initiative के महत्वपूर्ण focus areas में शामिल किया गया है।
Model Farmer School क्या है?
Model Farmer School/Model Krishak Pathshala किसानों को आधुनिक और technology-driven खेती की training देने के लिए proposed/established training centres हैं। सरकार ने हर जिले में कम से कम एक ऐसे centre पर जोर दिया है।
क्या पशुपालन और मछली पालन भी शामिल होगा?
हां, सरकार की योजना में local requirements के अनुसार farming के साथ fisheries और animal husbandry schemes को coordinated तरीके से लागू करने की बात कही गई है।
Model Agriculture Village की official list कहां मिलेगी?
Final district-wise list जारी होने पर Jharkhand Agriculture Department और संबंधित district administration की official websites/notifications पर जानकारी देखी जानी चाहिए।
निष्कर्ष
Jharkhand Model Agriculture Village 2026 राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नई दिशा हो सकती है। सरकार का उद्देश्य केवल किसी गांव को “मॉडल” घोषित करना नहीं, बल्कि किसानों की वास्तविक समस्याओं का survey करके उसी के अनुसार agriculture development plan तैयार करना है।
इस initiative में soil testing, irrigation, farmer training, modern technology, fallow land development, fisheries, animal husbandry और targeted government schemes जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
हर जिले में Model Agriculture Village/Panchayat की पहचान की दिशा में काम किया जा रहा है और शुरुआती चरण में fallow land वाले क्षेत्रों पर focus करने की बात सामने आई है। साथ ही Model Farmer Schools के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने की योजना भी महत्वपूर्ण है।
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात: अभी इसे एक broad development initiative के रूप में देखें। किसी गांव को final selected Model Agriculture Village मानने या किसी निश्चित financial benefit की घोषणा मानने से पहले Jharkhand Agriculture Department की official notification जरूर देखें।
Bhaiyajii News पर ऐसे ही Vehicle Documents, Transport Rules, Government Services और Jharkhand से जुड़ी आसान जानकारी पढ़ते रहें।




