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बिहार से आ रही बस से 1400 किलो मिलावटी पनीर और घी जब्त, धनबाद में खपाने की थी तैयारी | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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धनबाद मिलावटी पनीर बरामद : झारखंड के धनबाद जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में मिलावटी डेयरी उत्पादों को जब्त किया है। जानकारी के अनुसार बिहार से आने वाली एक बस से लगभग 1400 किलोग्राम मिलावटी पनीर और घी बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि यह सामान धनबाद के विभिन्न बाजारों और दुकानों में बेचने के लिए लाया जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर झारखंड के बाजारों में बाहरी राज्यों से आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच किस तरह की जा रही है। मिलावटी डेयरी उत्पादों के पकड़े जाने के बाद आम लोगों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

बताया जा रहा है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि बिहार से बड़ी मात्रा में मिलावटी डेयरी उत्पाद धनबाद लाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने बसों की विशेष जांच अभियान शुरू किया।जांच के दौरान एक बस को रोका गया और उसमें लदे पैकेटों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि बस में बड़ी मात्रा में पनीर और घी लाया जा रहा था। जब अधिकारियों ने इन उत्पादों की जांच की तो उनमें मिलावट की आशंका सामने आई। इसके बाद पूरा माल जब्त कर लिया गया।अधिकारियों के अनुसार यह डेयरी उत्पाद बिना किसी वैध लाइसेंस या उचित दस्तावेज के परिवहन किए जा रहे थे, जो कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।

धनबाद के बाजारों में बेचने की थी योजना

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जब्त किए गए मिलावटी पनीर और घी को धनबाद के विभिन्न बाजारों और होटलों में सप्लाई किया जाना था। इन उत्पादों को कम कीमत में बेचकर अधिक मुनाफा कमाने की योजना बनाई गई थी।खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर यह मिलावटी सामान बाजार में पहुंच जाता तो बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदकर उपयोग करते और इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।इस तरह की मिलावट वाले खाद्य पदार्थों से फूड प्वाइजनिंग, पेट संबंधी बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

मौके पर ही जांच और सैंपल जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही पनीर और घी के सैंपल लिए। इन सैंपलों को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन उत्पादों में किस प्रकार की मिलावट की गई थी।कई मामलों में देखा गया है कि मिलावटी पनीर बनाने के लिए स्टार्च, सिंथेटिक केमिकल और अन्य सस्ते पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पनीर की मात्रा तो बढ़ जाती है लेकिन उसकी गुणवत्ता और पोषण पूरी तरह खत्म हो जाता है।अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

बस मालिक और सप्लायर की जांच

इस मामले में बस मालिक और संबंधित सप्लायर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बस के माध्यम से इतनी बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पाद लाना और उसे बाजार में खपाने की कोशिश करना एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।संभव है कि इसमें कई लोग शामिल हों, जिनमें सप्लायर, व्यापारी और परिवहन से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं।पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग मिलकर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं मिलावटी डेयरी उत्पाद

धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में मिलावटी डेयरी उत्पाद पकड़े जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बिहार से आने वाली बसों से बड़ी मात्रा में मिलावटी पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद बरामद किए जा चुके हैं।एक मामले में अधिकारियों ने लगभग 900 किलोग्राम मिलावटी डेयरी उत्पाद जब्त किए थे, जिनमें करीब 780 किलो पनीर, 60 किलो खोया और मिठाइयां शामिल थीं। जांच में पाया गया था कि इनमें लगभग 60 प्रतिशत तक मिलावट थी।इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि मिलावटी खाद्य पदार्थों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो विभिन्न राज्यों से सस्ते और नकली उत्पाद लाकर बाजार में बेचता है।

स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी पनीर और घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।मिलावटी पनीर में अक्सर स्टार्च, डिटर्जेंट या सिंथेटिक केमिकल मिलाए जाते हैं, जिससे यह दिखने में असली जैसा लगता है लेकिन शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसी तरह नकली घी में सस्ते तेल या अन्य पदार्थ मिलाकर उसे असली घी के रूप में बेचा जाता है।ऐसे उत्पादों का लगातार सेवन करने से पेट की समस्या, एलर्जी, लिवर की बीमारी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

इस घटना के बाद जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। अधिकारियों ने कहा है कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रवेश मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।इसके अलावा बाजारों और मिठाई दुकानों में भी नियमित रूप से जांच की जाएगी ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोका जा सके।प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।

उपभोक्ताओं को सावधान रहने की सलाह

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी डेयरी उत्पाद की कीमत बाजार से बहुत कम हो या उसकी गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसे खरीदने से बचना चाहिए।इसके अलावा उपभोक्ताओं को लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने चाहिए।सरकार और प्रशासन का उद्देश्य यही है कि बाजार में सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध हों और लोगों की सेहत से कोई समझौता न हो।

निष्कर्ष

धनबाद में बिहार से आ रही बस से 1400 किलो मिलावटी पनीर और घी की बरामदगी ने एक बड़े खाद्य घोटाले की ओर संकेत किया है। यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो यह सामान बाजार में पहुंचकर हजारों लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता था।अब जरूरी है कि प्रशासन इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही नियमित जांच और सख्त निगरानी के जरिए इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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