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धनबाद में अवैध कोयला खनन पर केंद्र का बड़ा एक्शन, अमित शाह ने CISF को दिया Zero Coal Leakage Plan लागू करने का निर्देश | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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धनबाद अवैध कोयला खनन : झारखंड के धनबाद समेत देश के कोयला उत्पादक क्षेत्रों में बढ़ते अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी पर अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस गंभीर समस्या को लेकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह सचिव, कोयला सचिव, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए तथा ‘Zero Coal Leakage Plan’ को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि अवैध खनन और कोयला चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

आखिर क्या है Zero Coal Leakage Plan?

Zero Coal Leakage Plan केंद्र सरकार की एक विशेष रणनीति है, जिसका उद्देश्य खदानों से निकलने वाले कोयले की चोरी, अवैध परिवहन और अवैध खनन पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना है। इस योजना के तहत कोयला कंपनियों, CISF, राज्य पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि यदि कोयले की निकासी से लेकर उसके परिवहन तक हर चरण की निगरानी मजबूत होगी तो अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

CISF बनाएगी क्विक रिस्पांस टीम

गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में निर्देश दिया कि संवेदनशील कोयला क्षेत्रों में CISF की Quick Response Teams (QRT) बनाई जाएं। इन टीमों की जिम्मेदारी अवैध खनन, कोयला चोरी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करना होगी।

इसके अलावा खदानों और कोयला डिपो की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से लैस करने पर भी जोर दिया गया।

हाईटेक निगरानी से होगी कोयला चोरी पर रोक

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब कोयला क्षेत्रों में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन सर्विलांस और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मदद से निगरानी की जाएगी।

गृह मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर अवैध खनन करने वालों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ई-वे बिल की होगी सख्त जांच

अवैध कोयले के परिवहन पर रोक लगाने के लिए बैठक में जीएसटी ई-वे बिल की नियमित जांच करने का भी निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बिना वैध दस्तावेजों के कोयले का परिवहन किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए।

सरकार का मानना है कि ई-वे बिल की सख्त निगरानी से अवैध कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा।

MMDR Act के तहत मिले हैं विशेष अधिकार

बैठक में बताया गया कि Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 के तहत CISF और कोल इंडिया के अधिकृत अधिकारियों को अवैध कोयला भंडारण, चोरी और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने के अधिकार दिए जा चुके हैं।

अब ये अधिकारी अवैध भंडारण स्थलों पर छापेमारी, जब्ती, जांच और संबंधित मामलों में न्यायालय में शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।

धनबाद क्यों बना चिंता का विषय?

धनबाद को देश की “कोल कैपिटल” कहा जाता है। यहां भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की कई बड़ी खदानें संचालित हैं। पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में अवैध खनन, कोयला चोरी और माफिया गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

अवैध खनन के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। इसके अलावा बिना सुरक्षा मानकों के किए जाने वाले अवैध खनन से अक्सर हादसे होते हैं, जिनमें लोगों की जान भी चली जाती है।

इसी वजह से केंद्र सरकार ने धनबाद सहित अन्य कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का फैसला लिया है।

एजेंसियों के बीच बढ़ेगा समन्वय

बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि केवल एक एजेंसी के प्रयासों से अवैध खनन पर रोक लगाना संभव नहीं है। इसलिए CISF, राज्य पुलिस, जिला प्रशासन, कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

सभी एजेंसियों को नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

नियमित समीक्षा करेंगे अधिकारी

गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि Zero Coal Leakage Plan के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए। जहां भी सुरक्षा व्यवस्था में कमी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि कोयला देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी चोरी या अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

झारखंड की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध कोयला खनन पर प्रभावी रोक लगती है तो इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, कोयला कंपनियों को नुकसान कम होगा और वैध खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कोयला क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था भी मजबूत होगी और खदानों में सुरक्षा मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

निष्कर्ष

धनबाद और अन्य कोयला क्षेत्रों में बढ़ते अवैध खनन को देखते हुए केंद्र सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Zero Coal Leakage Plan, आधुनिक निगरानी प्रणाली, CISF की क्विक रिस्पांस टीम, ई-वे बिल की सख्त जांच और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से अवैध कोयला कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की उम्मीद है। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो इससे न केवल सरकारी राजस्व की रक्षा होगी, बल्कि कोयला उद्योग में पारदर्शिता और सुरक्षा भी बढ़ेगी।

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