जमशेदपुर उपायुक्त निरीक्षण : पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में उपायुक्त राजीव रंजन ने गुरुवार को गोलमुरी-सह-जुगसलाई तथा पोटका प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, राजस्व मामलों, विकास योजनाओं की प्रगति, कार्यालयी अभिलेखों के संधारण और नागरिक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान और अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और आम नागरिकों को समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना था। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं, जहां आम लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए।
कार्यालयी अभिलेखों की जांच, रिकॉर्ड अपडेट रखने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी, आगत-निर्गत पंजी, विभिन्न संचिकाओं, अभिलेखों और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यालयी दस्तावेज नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि कार्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्य संस्कृति विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि रिकॉर्ड व्यवस्थित होंगे तो नागरिकों के कार्यों का निष्पादन भी तेज और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
राजस्व मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश
अंचल कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने म्यूटेशन, दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, परिमार्जन तथा अन्य लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारी (सीओ), अंचल निरीक्षक (सीआई) और अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में देरी होने से आम नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। इसलिए राजस्व प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मनरेगा, आवास योजना और 15वें वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा
प्रखंड कार्यालयों में उपायुक्त ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसलिए किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित नहीं रहने देना चाहिए।
पोटका प्रखंड कार्यालय में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पोटका प्रखंड एवं अंचल कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर और सरकारी आवासीय भवनों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा कार्यालय आने वाले नागरिकों के लिए बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यालय प्रशासन की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करते हैं तथा नागरिकों का विश्वास भी मजबूत करते हैं।
जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर
उपायुक्त राजीव रंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन, शिकायत और जनसमस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि प्रभावी प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना भी है। राजस्व सेवाओं, विकास योजनाओं और जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान से ही सुशासन की अवधारणा मजबूत होगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि जिले में विकास कार्यों की गति तेज हो और आम जनता को पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी को निर्देश दिया गया कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी करें, राजस्व मामलों का शीघ्र निपटारा करें और कार्यालयों में नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा किया गया यह निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन होता है तो जिले में राजस्व सेवाओं में तेजी आएगी, सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचेगा और आम नागरिकों को अधिक सुगम एवं पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।







