मऊ-कोलकाता स्पेशल ट्रेन : उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने मऊ-कोलकाता स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। यह स्पेशल ट्रेन 22 जुलाई 2026 से फिर से निर्धारित दिनों में चलेगी और सितंबर तक यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस फैसले से खासकर झारखंड के जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन और आसनसोल मार्ग से सफर करने वाले यात्रियों को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेलवे के अनुसार, त्योहारों, छुट्टियों और बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह विशेष ट्रेन चलाई जा रही है ताकि नियमित ट्रेनों पर दबाव कम किया जा सके।
कब से चलेगी मऊ-कोलकाता स्पेशल ट्रेन?
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 05096 मऊ-कोलकाता स्पेशल का संचालन 22 जुलाई 2026 से 23 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। यह ट्रेन प्रत्येक बुधवार को मऊ जंक्शन से दोपहर 1:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8:50 बजे कोलकाता पहुंचेगी।
वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 05095 कोलकाता-मऊ स्पेशल 23 जुलाई से 24 सितंबर 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 1:20 बजे कोलकाता से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8:40 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
किन-किन स्टेशनों पर होगा ट्रेन का ठहराव?
मऊ-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का ठहराव कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर होगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- मऊ जंक्शन
- वाराणसी
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन
- गया
- जसीडीह
- मधुपुर
- चित्तरंजन
- आसनसोल
- दुर्गापुर
- बर्धमान
- कोलकाता
इन स्टेशनों पर रहने वाले यात्रियों को सीधे रेल संपर्क का लाभ मिलेगा और उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।
झारखंड के यात्रियों को मिलेगा विशेष लाभ
इस स्पेशल ट्रेन का सबसे अधिक फायदा झारखंड के उन यात्रियों को मिलेगा जो रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा या व्यापार के सिलसिले में नियमित रूप से कोलकाता और उत्तर प्रदेश की यात्रा करते हैं।
जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन और आसपास के क्षेत्रों से हर सप्ताह बड़ी संख्या में यात्री कोलकाता जाते हैं। नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्पेशल ट्रेन शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक कम होने की संभावना है।
ट्रेन में मिलेंगी ये सुविधाएं
रेलवे ने यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस स्पेशल ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोच लगाए हैं।
इनमें शामिल हैं—
- एसी टू टियर
- एसी थ्री टियर
- स्लीपर क्लास
- जनरल कोच
- एसएलआर कोच
यात्रियों को सामान्य ट्रेनों की तरह ही आरक्षण, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
त्योहार और छुट्टियों में बढ़ती है यात्रियों की संख्या
जुलाई से सितंबर के बीच सावन, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी सहित कई धार्मिक और सामाजिक अवसर आते हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
ऐसे समय में स्पेशल ट्रेन का संचालन यात्रियों को राहत देगा। रेलवे का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों को समय पर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।
आलम बाबा उर्स के दौरान विशेष ठहराव
रेलवे ने आलम बाबा उर्स के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कुछ मेमू ट्रेनों को दो-दो मिनट का विशेष ठहराव देने का भी निर्णय लिया है।
दुबराजपुर और चिनपाई स्टेशनों के बीच चलने वाली कई मेमू ट्रेनों का अस्थायी ठहराव निर्धारित किया गया है ताकि उर्स में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
रेलवे का कहना है कि स्थानीय प्रशासन के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया है और इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।
टिकट बुकिंग से पहले रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप इस स्पेशल ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो समय रहते टिकट बुक करा लें। त्योहारों और छुट्टियों के कारण सीटें जल्दी भर सकती हैं।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले ट्रेन का समय, प्लेटफॉर्म और रनिंग स्टेटस अवश्य जांच लें। रेलवे समय-समय पर परिचालन संबंधी बदलाव भी कर सकता है।
रेलवे का उद्देश्य क्या है?
भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन कर रहा है। स्पेशल ट्रेनों का उद्देश्य केवल भीड़ कम करना ही नहीं बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराना भी है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भविष्य में भी यात्रियों की मांग के आधार पर अन्य मार्गों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
मऊ-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का 22 जुलाई 2026 से संचालन शुरू होना उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। इससे न केवल लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी बल्कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान नियमित ट्रेनों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। यदि आप इस रूट पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो समय रहते टिकट बुक कर अपनी यात्रा सुनिश्चित करें। यह स्पेशल ट्रेन यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधा और आरामदायक सफर का विकल्प प्रदान करेगी।







