टाटानगर स्टेशन पर 347 किलो गांजा बरामद : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले स्थित टाटानगर रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त कार्रवाई में 347 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इस दौरान तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजा की यह खेप दूसरे राज्य से ट्रेन के जरिए लाई जा रही थी और इसे विभिन्न शहरों में सप्लाई किया जाना था।
इस कार्रवाई को रेलवे परिसर में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गांजा बरामदगी में से एक माना जा रहा है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ और जीआरपी को पहले से सूचना मिली थी कि ट्रेन के माध्यम से बड़ी मात्रा में गांजा की खेप टाटानगर स्टेशन पहुंचने वाली है। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए अधिकारियों ने तीन व्यक्तियों को भारी सामान के साथ हिरासत में लिया। जब उनके बैग और पैकेटों की तलाशी ली गई तो उनमें बड़ी मात्रा में गांजा मिला। इसके बाद तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
347 किलो गांजा बरामद
जांच के दौरान कुल 347 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि तस्करी का नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी, इसका अंतिम गंतव्य क्या था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
तीन तस्करों से पूछताछ जारी
गिरफ्तार तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि वे किस गिरोह से जुड़े हैं और पहले भी इस प्रकार की तस्करी में शामिल रहे हैं या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
रेलवे बना तस्करों का आसान माध्यम
हाल के वर्षों में रेलवे मार्ग का उपयोग कर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों के माध्यम से अवैध मादक पदार्थों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
इसी कारण आरपीएफ, जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रेलवे स्टेशनों पर लगातार विशेष अभियान चला रही हैं। टाटानगर स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
झारखंड में नशे के खिलाफ लगातार अभियान
झारखंड पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां राज्य में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। समय-समय पर गांजा, ब्राउन शुगर, अफीम और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बरामदगी की जा रही है।
विशेष रूप से सीमावर्ती राज्यों से आने वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि तस्करों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
कानूनी कार्रवाई शुरू
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद गांजा को जब्त कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब आरोपियों के मोबाइल फोन, यात्रा से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से मिली सफलता
अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बाजार तक पहुंच सकता था। संयुक्त अभियान और सतर्क निगरानी के कारण तस्करी की इस बड़ी कोशिश को विफल कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि स्टेशन या ट्रेन में किसी संदिग्ध व्यक्ति या सामान की जानकारी मिले तो तुरंत आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे हेल्पलाइन को सूचित करें।
निष्कर्ष
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर 347 किलो गांजा की बरामदगी और तीन तस्करों की गिरफ्तारी झारखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़ी खेप पकड़ी गई, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के खुलासे की भी संभावना बढ़ गई है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।







