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छुट्टी पर घर आए CRPF जवान की सड़क हादसे में मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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चतरा CRPF जवान सड़क हादसा : झारखंड के चतरा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। छुट्टी पर अपने घर आए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक जवान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, दोषी चालक की गिरफ्तारी और क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने की मांग की।

यह हादसा चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में हुआ, जहां कोयला परिवहन में लगे एक तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार CRPF जवान को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना इतनी भीषण थी कि जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान

मृतक की पहचान लक्ष्मण कुमार यादव के रूप में हुई है। वह चतरा जिले के बिराजपुर गांव के निवासी थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में CRPF में तैनात थे। जानकारी के अनुसार वह कुछ दिन पहले ही एक महीने की छुट्टी लेकर अपने परिवार से मिलने गांव आए थे। परिवार के साथ समय बिताने की खुशी कुछ ही दिनों में मातम में बदल गई।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लक्ष्मण कुमार यादव अपनी बाइक से किसी निजी कार्य से सिमरिया की ओर गए थे। लौटने के दौरान कटकमसांडी रेलवे साइडिंग के पास कोयला खाली कर लौट रहे एक हाईवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जवान सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद हाईवा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल जवान को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

इलाज के दौरान हुई मौत

पहले घायल जवान को सिमरिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रांची के रिम्स भेजा जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस खबर के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

जवान की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोयला लदे भारी वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, फरार हाईवा चालक की तत्काल गिरफ्तारी, भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण तथा सड़क सुरक्षा के स्थायी उपाय शामिल हैं।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते, तो शायद एक जवान की जान बचाई जा सकती थी।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को जब्त कर लिया है। फरार चालक की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद जवान का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर चतरा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहन अक्सर निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करते। कई स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और ट्रैफिक निगरानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई, नियमित वाहन जांच, सीसीटीवी निगरानी और यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।

पूरे गांव में शोक का माहौल

CRPF जवान की असमय मौत से पूरे बिराजपुर गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने बताया कि लक्ष्मण कुमार यादव मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। छुट्टी पर घर आने के बाद परिवार और गांव के लोगों में खुशी का माहौल था, लेकिन एक सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि देश की सेवा करने वाला उनका बेटा छुट्टी के दौरान इस तरह उन्हें हमेशा के लिए छोड़ जाएगा।

निष्कर्ष

चतरा में CRPF जवान की सड़क हादसे में हुई मौत केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चेतावनी भी है। यदि प्रशासन भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण, गति सीमा का सख्ती से पालन और सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देता है, तो भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और मृतक परिवार को मिलने वाली सहायता पर टिकी हुई हैं।

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