रामगढ़ में फैक्ट्री लूटकांड का बड़ा खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार, 2000 किलो कॉपर वायर बरामद | Jharkhand News | Bhaiyajii News

रामगढ़ लूट केस खुलासा | Jharkhand News | Bhaiyajii News

रामगढ़ लूट केस खुलासा
रामगढ़ जिले में हुई बहुचर्चित फैक्ट्री लूट कांड का पुलिस ने आखिरकार बड़ा खुलासा कर दिया है। हथियार के बल पर अंजाम दी गई इस सनसनीखेज वारदात में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, नकद राशि, मोबाइल फोन, वाहन और चोरी का कॉपर वायर बरामद किया है। इस कार्रवाई को जिले में हाल के दिनों की सबसे बड़ी पुलिस सफलताओं में से एक माना जा रहा है।

यह मामला न सिर्फ लूट की गंभीरता के कारण चर्चा में रहा, बल्कि इसलिए भी कि अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी थी।

कैसे अंजाम दी गई थी फैक्ट्री लूट

जानकारी के अनुसार, 12 जनवरी 2026 की मध्य रात्रि रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा स्थित एक फैक्ट्री को निशाना बनाया गया। देर रात 10 से 12 की संख्या में हथियारबंद अपराधी फैक्ट्री परिसर में घुसे। अपराधियों ने वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को पिस्टल दिखाकर भयभीत किया और उन्हें एक स्थान पर बंधक बना लिया।

गार्डों को काबू में करने के बाद अपराधियों ने फैक्ट्री में रखे लगभग 2000 से 2200 किलोग्राम कॉपर वायर को एक वाहन में लादा और फरार हो गए। पूरी वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अपराधी पहले से फैक्ट्री और सुरक्षा व्यवस्था की रेकी कर चुके थे।

घटना से मचा हड़कंप, पुलिस पर बढ़ा दबाव

फैक्ट्री लूट की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल रामगढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया, क्योंकि लूट की गई संपत्ति की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही थी।

इसके बाद रामगढ़ थाना में कांड संख्या 11/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

SIT गठित कर तेज हुई जांच

लूट कांड के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया, ताकि मामले की हर पहलू से जांच हो सके।

जांच के दौरान पुलिस ने:

  • फैक्ट्री परिसर और आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाले
  • संदिग्ध वाहनों की पहचान की
  • तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मानवीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया
  • पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड की भी जांच की

लगातार छापेमारी और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे।

वाहन चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी

22 जनवरी 2026 को रामगढ़–हजारीबाग मुख्य मार्ग पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक संदिग्ध टाटा मैजिक वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। वाहन सवार पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।

वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को संदिग्ध सामान मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने फैक्ट्री लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. मुकेश कसरा
  2. अख्तर अली
  3. सन्नी कुमार
  4. रथिन कुमार
  5. नागेश्वर बेलदार उर्फ हनी
  6. पंकज कुमार
  7. गोरी कुमार

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं और संगठित गिरोह के रूप में लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।

बरामद हथियार और चोरी का सामान

पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • एक देसी कट्टा
  • दो जिंदा कारतूस (8mm)
  • नकद ₹1,03,000
  • टाटा मैजिक वाहन (JH-09U-8102)
  • 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
  • 1 कीपैड मोबाइल
  • लगभग 250 किलोग्राम चोरी का कॉपर वायर, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹3 लाख बताई जा रही है

पुलिस का मानना है कि शेष चोरी का माल भी जल्द बरामद कर लिया जाएगा।

सामने आया आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कई के खिलाफ पहले से लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास का विस्तृत सत्यापन कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने पहले और किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

रामगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस शेष लूटे गए कॉपर वायर की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। फैक्ट्री प्रबंधन से भी पूछताछ जारी है, ताकि सुरक्षा में हुई चूक की जांच की जा सके।

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