आजसू प्रदर्शन : झारखंड के धनबाद जिले में आजसू पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और पुलिस कार्रवाई के विरोध में अब राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। पार्टी ने इस घटना को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजधानी रांची में आजसू पार्टी और युवा आजसू के कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस सह आक्रोश मार्च निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रांची विश्वविद्यालय मुख्यद्वार से शुरू हुआ यह मशाल जुलूस अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर सड़क पर उतरे और धनबाद की घटना को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार का पुतला दहन भी किया और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग उठाई।
धनबाद की घटना से भड़का आक्रोश
आजसू पार्टी के नेताओं का कहना है कि धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं पर कायराना हमला किया गया। पार्टी का आरोप है कि अवैध कोयला कारोबार का विरोध करने के कारण आजसू कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।
इसके साथ ही पार्टी ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। नेताओं का कहना है कि हमले के बाद दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने झूठे मुकदमे में पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसी के विरोध में अब राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है।आजसू नेताओं का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
रांची में निकला मशाल जुलूस
राजधानी रांची में आयोजित मशाल जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और धनबाद घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जुलूस में शामिल युवा कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी के लोगों पर हमला केवल राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।
अमित यादव ने सरकार पर साधा निशाना
महानगर अध्यक्ष अमित यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले आजसू कार्यकर्ताओं पर हमला बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश किसी भी हाल में सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।अमित यादव ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
अवैध कोयला कारोबार को लेकर सरकार पर आरोप
कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेता प्रताप सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के दौर में माफियाओं का मनोबल काफी बढ़ गया है।
प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य में अवैध कोयला खनन और तस्करी तेजी से बढ़ रही है और इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि आजसू कार्यकर्ता लगातार अवैध कोयला कारोबार का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण उन पर हमला कराया गया।
उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि झारखंड में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों का मनोबल कितना बढ़ चुका है। यदि सरकार ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं दिखाएगी, तो कानून व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
सरकार के खिलाफ तेज हुई राजनीति
धनबाद की घटना अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। आजसू पार्टी लगातार इसे लेकर सरकार को घेर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार विपक्षी दलों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि कोयला तस्करी और अवैध खनन पहले से ही झारखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो विपक्ष इसे राज्यव्यापी आंदोलन में बदल सकता है।
कार्यकर्ताओं ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मशाल जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग की कि धनबाद हमले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही पुलिस द्वारा दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग भी उठाई गई।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी राज्यभर में उग्र आंदोलन करेगी।आजसू नेताओं ने चेतावनी दी कि कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे कार्यकर्ता
रांची में निकाले गए इस मशाल जुलूस में पार्टी के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में अमित यादव, डॉ. पार्थ तिवारी, अजित कुमार, चेतन प्रकाश, प्रताप सिंह, अमित साहू, मोहम्मद शाहिद, ऋतुराज शाहदेव, अमन साहू, सौरभ यादव, राज दुबे, ऋषि सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी। पुलिस बल को कई स्थानों पर तैनात किया गया था, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
युवाओं में दिखा भारी आक्रोश
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। युवाओं ने मशाल लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और कहा कि वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।
युवा कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वालों पर हमला होगा, तो इससे जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था से कमजोर होगा।उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी हमेशा जनता के मुद्दों को उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।
राज्यभर में आंदोलन की तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आजसू पार्टी राज्यभर में बड़े आंदोलन की तैयारी कर सकती है।
संभावना जताई जा रही है कि कई जिलों में विरोध प्रदर्शन, धरना और मशाल जुलूस आयोजित किए जा सकते हैं।पार्टी नेतृत्व अब इस मुद्दे को व्यापक जन आंदोलन में बदलने की रणनीति बना रहा है।
निष्कर्ष
धनबाद में आजसू कार्यकर्ताओं पर हुए हमले ने झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। रांची में निकला मशाल जुलूस यह संकेत देता है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है।अब सभी की नजर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जल्द निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन सकता है।







