जनगणना-2027 : देश में प्रस्तावित जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। गुरुवार को अधिसूचित प्रगणक एवं सुपरवाइजर की टीम ने जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन के आवास पहुंचकर जनगणना संबंधी आवश्यक कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जनगणना-2027 के तहत निर्धारित मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्यक्रम के अंतर्गत उपायुक्त आवास का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान स्वगणना (Self Enumeration) आईडी की सहायता से जनगणना प्रक्रिया को पूरा किया गया। अधिकारियों ने निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आवास से संबंधित आवश्यक जानकारियों का संकलन किया तथा उपलब्ध आंकड़ों का सत्यापन भी किया।
क्या है मकान सूचीकरण और मकान गणना?
जनगणना की प्रक्रिया दो प्रमुख चरणों में संपन्न की जाती है। पहले चरण में मकानों की संख्या, उनकी स्थिति, उपयोग, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य भौतिक विवरणों का संकलन किया जाता है। इसे मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कहा जाता है। इसके बाद दूसरे चरण में परिवारों और व्यक्तियों से संबंधित सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जाती है।
जनगणना-2027 में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसके लिए विशेष आईडी उपलब्ध कराई जाती है, जिसके माध्यम से नागरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
उपायुक्त ने की नागरिकों से सहयोग की अपील
इस अवसर पर उपायुक्त राजीव रंजन ने जनगणना-2027 को देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि यह देश और राज्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है।
उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सही, पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी से ही सरकार को वास्तविक स्थिति का पता चलता है। इसी आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जनगणना कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा मांगी गई जानकारी को बिना किसी संकोच के सही रूप में उपलब्ध कराएं। गलत अथवा अधूरी जानकारी विकास योजनाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती है।
विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है जनगणना
विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना किसी भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय अभ्यासों में से एक है। इसके माध्यम से सरकार को यह जानकारी मिलती है कि किसी क्षेत्र में कितनी आबादी निवास कर रही है, वहां शिक्षा का स्तर क्या है, रोजगार की स्थिति कैसी है और किन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता अधिक है।
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण करती हैं। जनगणना से प्राप्त जानकारी का उपयोग संसाधनों के वितरण, बजट निर्धारण, नए स्कूल और अस्पताल खोलने, सड़क निर्माण तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं के विस्तार में किया जाता है।
डिजिटल जनगणना की ओर बढ़ता भारत
जनगणना-2027 को भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के रूप में देखा जा रहा है। इसमें मोबाइल एप्लिकेशन, ऑनलाइन डेटा एंट्री और स्वगणना जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ने के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।
डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से डेटा संग्रहण और सत्यापन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी। इससे प्रशासन को वास्तविक समय में आंकड़ों की निगरानी करने में भी सुविधा मिलेगी।
पूर्वी सिंहभूम में चल रहा व्यापक अभियान
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा जनगणना कार्य को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। अधिसूचित प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप आंकड़ों का संग्रहण कर सकें।
जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मकानों और परिवारों का विवरण सटीक रूप से दर्ज किया जा सके।
नागरिकों की भूमिका सबसे अहम
जनगणना की सफलता केवल प्रशासनिक प्रयासों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। यदि नागरिक सही और संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराते हैं तो जनगणना के आंकड़े अधिक विश्वसनीय बनते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसलिए नागरिकों को बिना किसी चिंता के सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम में जनगणना-2027 के तहत उपायुक्त आवास पर मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य का सफल संपादन इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान की प्रगति को दर्शाता है। जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशासन की अपील है कि सभी नागरिक जनगणना-2027 में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सही जानकारी देकर राष्ट्र निर्माण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सफल बनाने में योगदान दें।







