चतरा पुलिस का बड़ा एक्शन: 13 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती नष्ट, मादक पदार्थ तस्करी पर कसा शिकंजा | Jharkhand News | Bhaiyajii News

अवैध अफीम की खेती नष्ट | Jharkhand News | Bhaiyajii News

चतरा, 17 जनवरी 2026।
झारखंड में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत चतरा पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले में अवैध अफीम की खेती के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 13 एकड़ वन भूमि में लगी अफीम की फसल को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री सुमित कुमार अग्रवाल के स्पष्ट निर्देश पर की गई।

विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस प्रशासन को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि जिले के कुछ दुर्गम और वन क्षेत्रों में चोरी-छिपे अफीम की खेती की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए चतरा पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस बल, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार,

  • कुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिंदिया कला में लगभग 03 एकड़ वन भूमि पर
  • लावालौंग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिलदाग में करीब 10 एकड़ वन भूमि पर

अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी फसल को नष्ट कर दिया। राहत की बात यह रही कि यह खेती शुरुआती अवस्था में थी, जिससे बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ के उत्पादन को समय रहते रोका जा सका।

वन भूमि का दुरुपयोग, कानून का उल्लंघन

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अफीम की खेती न केवल एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराध है, बल्कि यह वन भूमि के अवैध उपयोग का भी मामला है। इस तरह की गतिविधियां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ समाज और खासकर युवाओं को नशे की ओर धकेलती हैं।

चतरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी कीमत पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। जंगलों और दूरदराज के इलाकों में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है।

दोषियों की पहचान और कार्रवाई की तैयारी

पुलिस ने बताया कि अवैध अफीम की खेती में संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और अन्य इनपुट के आधार पर दोषियों तक पहुंचने की प्रक्रिया जारी है। पहचान होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की खेती के पीछे केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बाहर से जुड़े नेटवर्क की भी भूमिका हो सकती है। इस पहलू से भी जांच की जा रही है।

नशे के खिलाफ चतरा पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में चतरा पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे खेती हो, तस्करी हो या बिक्री—हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

पिछले कुछ समय से चतरा जिला नक्सल प्रभावित और वन क्षेत्रों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे इलाकों में अफीम जैसी फसलों की खेती रोकना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद पुलिस लगातार अभियान चलाकर ऐसे प्रयासों को विफल कर रही है।

आमजन से सहयोग की अपील

चतरा पुलिस ने जिले के आम नागरिकों से अपील की है कि वे

  • अवैध अफीम या किसी भी नशीले पदार्थ की खेती से दूर रहें,
  • अपने आसपास यदि इस तरह की गतिविधि देखें या जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें,
  • नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें।

पुलिस का मानना है कि जब तक समाज का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक नशे के खिलाफ लड़ाई पूरी तरह सफल नहीं हो सकती।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

चतरा पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इस तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे। वन क्षेत्रों में सघन तलाशी, ड्रोन सर्विलांस और स्थानीय मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि चतरा पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले में शांति, सुरक्षा और स्वस्थ समाज के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।

(चतरा ब्यूरो रिपोर्ट)

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