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नई तकनीक ही बनाएगी युवाओं को भविष्य का लीडर , राज्यपाल संतोष गंगवार ने दिया बड़ा संदेश | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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नई तकनीक और स्किल : झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा है कि आने वाला दौर नई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और डिजिटल स्किल्स का है। जो युवा समय के साथ नई तकनीकों को सीखेंगे और खुद को कौशल के स्तर पर मजबूत बनाएंगे, वही भविष्य में देश और समाज का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी ज्ञान, व्यवहारिक अनुभव और नवाचार की सोच विकसित करना बेहद जरूरी है। राज्यपाल का यह बयान रांची में आयोजित एक तकनीकी कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों को संबोधित किया।

तकनीक बदल रही दुनिया की तस्वीर

राज्यपाल ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। उद्योग, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और व्यापार जैसे हर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों ने काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में वही युवा सफल होंगे जो इन तकनीकों को समझने और इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करेंगे। सिर्फ पारंपरिक पढ़ाई अब पर्याप्त नहीं होगी। छात्रों को तकनीकी कौशल के साथ-साथ समस्या समाधान और नवाचार की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

सिल्ली पॉलिटेक्निक में आयोजित हुई कार्यशाला

राज्यपाल ने सिल्ली पॉलिटेक्निक में आयोजित “नेशनल हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑन इंडस्ट्री ओरिएंटेड ऑटोमेशन एंड IoT सिस्टम्स” कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और इंडस्ट्री से जुड़े व्यवहारिक अनुभव से जोड़ना था।

कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी, शिक्षक और विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यशाला में ऑटोमेशन, स्मार्ट सिस्टम, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।राज्यपाल ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को किताबों की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक तकनीकी दुनिया को समझने का मौका देती हैं।

युवाओं को रोजगार देने वाला बनना होगा

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि ऐसे कौशल विकसित करें जिससे वे दूसरों को रोजगार देने की क्षमता हासिल कर सकें।

उन्होंने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल और तकनीकी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में स्टार्टअप, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस के लिए युवाओं के सामने अपार संभावनाएं मौजूद हैं।उनके अनुसार यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिले, तो वे भविष्य में बड़े उद्योग, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर तैयार कर सकते हैं।

झारखंड के युवाओं में क्षमता की नहीं कमी

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्रतिभाशाली युवाओं का राज्य है। यहां के युवाओं में ऊर्जा, मेहनत और सीखने की क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही दिशा, आधुनिक संसाधन और बेहतर अवसर देने की है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को भी तकनीकी शिक्षा और डिजिटल स्किल से जोड़ना जरूरी है। यदि गांवों तक तकनीकी शिक्षा पहुंचेगी तो राज्य का समग्र विकास तेजी से होगा।राज्यपाल ने यह भी कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में भी आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाने की जरूरत है।

एआई और डिजिटल तकनीक पर दिया जोर

अपने संबोधन में राज्यपाल ने हाल ही में देश में बढ़ती एआई तकनीक और डिजिटल इनोवेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तेजी से AI आधारित सिस्टम की ओर बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। यदि देश के युवा नई तकनीक को तेजी से अपनाते हैं, तो भारत आने वाले समय में दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी ताकत बन सकता है।राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि वे तकनीक से डरें नहीं, बल्कि उसे सीखने और समझने की कोशिश करें। क्योंकि आने वाला समय डिजिटल और स्मार्ट तकनीकों का होगा।

शिक्षकों और संस्थानों की भूमिका भी अहम

राज्यपाल ने कहा कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों में केवल परीक्षा पास करने की मानसिकता न विकसित करें, बल्कि उनमें वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता बढ़ाएं।उनके अनुसार शिक्षा का असली उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर और नवाचारी बनाना होना चाहिए। यदि शिक्षण संस्थान व्यवहारिक शिक्षा और रिसर्च पर ध्यान देंगे, तो छात्रों का भविष्य और मजबूत होगा।

तकनीकी शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है। अक्सर देखा जाता है कि छात्र डिग्री तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार कौशल नहीं सीख पाते।

उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाए, तो युवाओं को रोजगार मिलने में आसानी होगी।इसके अलावा उन्होंने इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और व्यवहारिक प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

युवाओं के लिए बड़ा संदेश

राज्यपाल संतोष गंगवार का यह संदेश केवल तकनीकी छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेजी से बदलती दुनिया में अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल और तकनीकी समझ सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बनती जा रही है।विशेषज्ञों का भी मानना है कि आने वाले वर्षों में AI, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों का प्रभाव हर क्षेत्र में बढ़ेगा। ऐसे में जो युवा समय रहते खुद को अपडेट करेंगे, वही भविष्य में बेहतर अवसर हासिल कर पाएंगे।

निष्कर्ष

राज्यपाल संतोष गंगवार का यह बयान झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश माना जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि नई तकनीक और आधुनिक कौशल ही युवाओं को भविष्य का नेतृत्वकर्ता बनाएंगे।आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक का है और ऐसे समय में युवाओं के लिए जरूरी है कि वे लगातार सीखते रहें, खुद को अपडेट रखें और नई चुनौतियों के लिए तैयार रहें। यदि झारखंड के युवा तकनीकी शिक्षा, नवाचार और डिजिटल स्किल्स को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में राज्य देश के सबसे मजबूत युवा शक्ति केंद्रों में शामिल हो सकता है।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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