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झारखंड बजट 2026-27: सरकार को पैसा कहां से मिलेगा और किन क्षेत्रों में होगा खर्च, जानिए पूरा गणित | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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झारखंड बजट 2026-27: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। कुल 1,58,560 करोड़ रुपये के इस बजट को सरकार ने “अबुआ दिशोम बजट” का नाम दिया है। इस बजट में जहां एक ओर सरकार की आमदनी के स्रोतों को स्पष्ट किया गया है, वहीं दूसरी ओर यह भी बताया गया है कि यह पैसा किन-किन क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। बजट का फोकस ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला-कल्याण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर रखा गया है।

बजट का कुल आकार और उद्देश्य

झारखंड का यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के गरीब, किसान, महिला, युवा और आदिवासी समुदाय को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना है।

सरकार को पैसा कहां से मिलेगा?

राज्य सरकार की आय कई स्रोतों से होती है। 2026-27 के बजट में सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुल बजट राशि विभिन्न माध्यमों से जुटाई जाएगी।

1. कर राजस्व (Tax Revenue)

राज्य सरकार की कुल आय का लगभग 29 प्रतिशत हिस्सा टैक्स से आएगा। इसमें जीएसटी, उत्पाद शुल्क, वाहन कर, स्टांप ड्यूटी और अन्य राज्य कर शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी से टैक्स संग्रह में भी इजाफा होगा।

2. केंद्रीय करों में हिस्सेदारी

केंद्र सरकार द्वारा वसूले जाने वाले करों में झारखंड को मिलने वाला हिस्सा बजट का 32 प्रतिशत से अधिक है। यह राज्य की आय का सबसे बड़ा स्रोत है।

3. गैर-कर राजस्व

सरकार को लगभग 13 प्रतिशत आय गैर-कर स्रोतों से प्राप्त होगी। इसमें खनिज रॉयल्टी, बिजली कंपनियों से आय, लाइसेंस फीस, जुर्माना और सरकारी सेवाओं से मिलने वाली राशि शामिल है।

4. केंद्र सरकार से अनुदान

केंद्र से मिलने वाले अनुदान का हिस्सा करीब 11.5 प्रतिशत है। इसमें योजनाओं के लिए मिलने वाली सहायता राशि शामिल है।

5. कर्ज और उधारी

बजट का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा सरकार उधार लेकर पूरा करेगी। यह राशि मुख्य रूप से पूंजीगत खर्च यानी विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

बजट का पैसा कहां खर्च होगा?

सरकार ने बजट को विभिन्न क्षेत्रों में बांटा है और प्राथमिकता के आधार पर राशि आवंटित की है।

1. ग्रामीण विकास

ग्रामीण विकास पर बजट का सबसे बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा। सड़क, आवास, पेयजल, रोजगार और ग्रामीण आजीविका योजनाओं के लिए भारी प्रावधान किया गया है।

2. शिक्षा

शिक्षा क्षेत्र पर लगभग 12 प्रतिशत बजट खर्च होगा। इसमें सरकारी स्कूलों का उन्नयन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत करना और पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसी योजनाएं शामिल हैं।

3. स्वास्थ्य

स्वास्थ्य और पेयजल पर सरकार ने विशेष जोर दिया है। जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बजट में पर्याप्त राशि रखी गई है।

4. महिला एवं बाल विकास

महिला और बाल कल्याण के लिए 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें पोषण, मातृत्व लाभ, आंगनबाड़ी, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं।

5. ऊर्जा क्षेत्र

बिजली उत्पादन, वितरण और ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए बजट का बड़ा हिस्सा ऊर्जा क्षेत्र को दिया गया है।

6. आधारभूत संरचना

सड़क, पुल, शहरी विकास, जलापूर्ति और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है।

7. कर्ज और ब्याज भुगतान

सरकार को पुराने कर्जों के ब्याज और मूलधन भुगतान पर भी लगभग 10 प्रतिशत बजट खर्च करना होगा।

खर्च की प्राथमिकताएँ — विकास की दिशा

बजट का न सिर्फ स्रोत बताया गया है, बल्कि इसका खर्च भी प्राथमिकता के आधार पर विभाजित किया गया है। यह संकेत देता है कि सरकार किन क्षेत्रों पर अधिक जोर दे रही है।

मुख्य खर्चीले क्षेत्र

क्षेत्रअनुमानित खर्च (%)
ग्रामीण विकास 12.43%
शिक्षा 11.87%
स्वास्थ्य और पेयजल 8.32%
ऊर्जा सेक्टर 7.06%
भू-सुधार और भूमि राजस्व 7.93%
सामाजिक सुरक्षा (जैसे पेंशन) 6.29%
ब्याज और कर्ज अदायगी 9.85%

इन क्षेत्रों पर खर्च दिखाता है कि सरकार ने ग्रामीण, सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी है, साथ ही ऊर्जा और भूमि प्रबंधन पर भी उचित संसाधन आवंटित किए हैं।

समावेशी विकास पर सरकार का फोकस

सरकार का दावा है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का रोडमैप है। आदिवासी बहुल झारखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मजबूत कर गरीबी और असमानता को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन

बजट में यह भी बताया गया है कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की बात कही है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज की गई है।

निष्कर्ष

झारखंड बजट 2026-27 राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। इसमें जहां सरकार की आय के स्रोतों को संतुलित रूप से दर्शाया गया है, वहीं खर्च की प्राथमिकताएं यह बताती हैं कि सरकार आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बजट में किए गए प्रावधान जमीन पर कितने प्रभावी ढंग से लागू होते हैं।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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