खूंटी रोजगार सेवक संदिग्ध मौत : झारखंड के खूंटी जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की ड्यूटी से लौट रहे एक रोजगार सेवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सड़क किनारे मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अजय महतो (45 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस फिलहाल हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार अजय महतो खूंटी प्रखंड में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत थे। बुधवार को उनकी ड्यूटी निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि वे दिनभर पंचायत क्षेत्र में मतदाता सूची से संबंधित कार्य पूरा करने के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे।
इसी दौरान खूंटी-भंडरा मार्ग स्थित बेलाहाथी पुल के समीप सड़क किनारे उनका शव मिला। स्थानीय लोगों ने उन्हें देखा और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि मृतक के चेहरे और मुंह के आसपास मिले चोट के निशान सामान्य सड़क दुर्घटना जैसे नहीं लगते। उनका आरोप है कि यह मामला हत्या का हो सकता है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का आधिकारिक तौर पर पता चल सकेगा। फिलहाल सड़क दुर्घटना, हत्या और अन्य संभावित कारणों सहित सभी बिंदुओं पर जांच जारी है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रहे हैं ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।
क्या है SIR अभियान?
SIR यानी Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण) निर्वाचन आयोग का एक महत्वपूर्ण अभियान है। इसके तहत मतदाता सूची का सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा रिकॉर्ड को अपडेट करने का कार्य किया जाता है।
इस अभियान में रोजगार सेवकों, बीएलओ और अन्य सरकारी कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई जाती है ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।
सरकारी कर्मचारियों में चिंता
रोजगार सेवक की संदिग्ध मौत के बाद सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है तो यह सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। वहीं यदि मामला सड़क दुर्घटना का निकलता है तो दुर्घटना के कारणों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे अहम मानी जा रही है। चिकित्सकीय रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत दुर्घटना के कारण हुई या किसी अन्य वजह से। इसके बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की आपराधिक साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क किनारे शव मिलने की घटना कई सवाल खड़े करती है, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निष्कर्ष
खूंटी में SIR ड्यूटी से लौट रहे रोजगार सेवक अजय महतो की संदिग्ध मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। फिलहाल हत्या की आशंका केवल परिजनों द्वारा व्यक्त की गई है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई है, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।







