Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन एमजीएम अस्पताल में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को उपायुक्त राजीव रंजन ने मानगो के बालिगुमा स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर निर्माणाधीन वाटर टावर एवं पेयजलापूर्ति परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में 15 जून तक परियोजना का कार्य पूरा कर जलापूर्ति शुरू की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि एमजीएम अस्पताल को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित तिथि तक परियोजना पूर्ण नहीं हुई तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है परियोजना
एमजीएम अस्पताल कोल्हान प्रमंडल का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में मरीजों, उनके परिजनों और चिकित्सा कर्मियों की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में नियमित पेयजल आपूर्ति स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए बेहद आवश्यक है।
पिछले कुछ वर्षों से अस्पताल परिसर में पानी की उपलब्धता को लेकर समय-समय पर समस्याएं सामने आती रही हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए बालिगुमा स्थित स्वर्णरेखा नदी से जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की है।
15 जून की समयसीमा तय
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्माण एजेंसी को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि 15 जून तक वाटर टावर निर्माण सहित सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण संस्था में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर जलापूर्ति शुरू की जा सके। उन्होंने परियोजना की दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
बिजली कनेक्शन की समस्या पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि निर्माण स्थल पर विद्युत कनेक्शन से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याएं हैं, जिससे परियोजना के कुछ कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इस पर उपायुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति से संबंधित सभी बाधाओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि परियोजना का शेष कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी विभागीय अड़चन को परियोजना में देरी का कारण नहीं बनने दिया जाएगा और सभी विभागों को समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाना होगा।
एनएचएआई से एनओसी प्रक्रिया की भी हुई समीक्षा
परियोजना के सफल संचालन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना भी जरूरी है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इस प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनओसी से संबंधित सभी औपचारिकताओं को त्वरित गति से पूरा किया जाए और आवश्यक स्वीकृतियां जल्द प्राप्त की जाएं। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब परियोजना की गति को प्रभावित कर सकता है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर तेजी से कार्रवाई की आवश्यकता है।
मरीजों और अस्पताल प्रबंधन को मिलेगा लाभ
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद एमजीएम अस्पताल को नियमित और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों तथा अस्पताल प्रबंधन को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होने से अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
जिला प्रशासन की प्राथमिकता में स्वास्थ्य सुविधाएं
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।
उन्होंने कहा कि केवल भवन निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पतालों में पानी, बिजली, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी मजबूत होना आवश्यक है। इसी सोच के तहत इस परियोजना को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों को दिए समन्वय के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी परियोजना की सफलता विभागों के बीच प्रभावी तालमेल पर निर्भर करती है।
उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने और कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इससे समय पर समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान किया जा सकेगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
स्थलीय निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने उपायुक्त को परियोजना की वर्तमान स्थिति और शेष कार्यों की जानकारी दी। उपायुक्त ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए और समयबद्ध कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया।
समय पर पूरा हुआ तो स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो जाती है तो एमजीएम अस्पताल की पेयजल व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इससे न केवल मरीजों को सुविधा मिलेगी बल्कि अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगी।
जिला प्रशासन की सख्ती और नियमित निगरानी को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि 15 जून तक परियोजना का कार्य पूरा कर जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अब सभी की निगाहें इस महत्वपूर्ण परियोजना की समयसीमा पर टिकी हुई हैं।







