रांची: जिला प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार एक प्रभावी पहल के रूप में उभर रहा है। मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को जिले के विभिन्न अंचल एवं प्रखंड कार्यालयों में आयोजित इस जनता दरबार में सैकड़ों लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व, पेंशन, प्रमाण पत्र, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, पंजी-2 सुधार, केसीसी सत्यापन समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया। प्रशासन की इस सक्रियता से न सिर्फ लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
विभिन्न प्रखंडों में हुआ प्रभावी आयोजन
जिले के मांडर, सोनाहातु, अनगड़ा, नगड़ी, बेड़ो, राहे, सिल्ली, खलारी, बुढ़मू, चान्हो, रातू, ईटकी और हेहल समेत कई अंचलों में जनता दरबार आयोजित किया गया। हर स्थान पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जहां संबंधित अधिकारियों ने तत्परता से उनकी बात सुनी और समाधान सुनिश्चित किया।
मांडर प्रखंड में आयोजित जनता दरबार में ग्राम कंजिया के सुल्तान अंसारी एवं सुचिता तिर्की को वृद्धा पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही ग्राम बंझिला के खादी उरांव को आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया गया। इन मामलों के त्वरित निष्पादन से लाभुकों के चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था।
इसी प्रकार, सोनाहातु अंचल में संतोष लोहरा को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जबकि करमी देवी के भूमि रिकॉर्ड में सुधार करते हुए उन्हें लगान रसीद उपलब्ध कराई गई। अनगड़ा अंचल में भी कई महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा किया गया, जहां सोमरा उरांव, धनेश्वर महतो और सुरेश विश्वकर्मा के भूमि संबंधी आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया।
भूमि एवं राजस्व मामलों पर विशेष फोकस
जनता दरबार में सबसे अधिक आवेदन भूमि विवाद, पंजी-2 सुधार, दाखिल-खारिज और खाता सुधार से संबंधित प्राप्त हुए। प्रशासन ने इन मामलों को प्राथमिकता देते हुए मौके पर ही जांच कर आवश्यक सुधार किए। इससे आमजन को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली।
मांडर अंचल में प्रवीण कुमार को म्यूटेशन से संबंधित शुद्धि पत्र प्रदान किया गया, जबकि अजय उरांव के खाता संख्या में सुधार किया गया। इस तरह के मामलों का त्वरित निष्पादन प्रशासन की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
आंकड़ों में जनता दरबार की सफलता
जिले के विभिन्न अंचलों में कुल मिलाकर सैकड़ों आवेदनों का निष्पादन किया गया। संक्षिप्त आंकड़ों के अनुसार:
- अनगड़ा अंचल – 120 आवेदन निष्पादित
- बेड़ो अंचल – 253 आवेदन निष्पादित
- राहे अंचल – 49 आवेदन निष्पादित
- सिल्ली अंचल – 61 आवेदन निष्पादित
- हेहल अंचल – 69 आवेदन निष्पादित
- खलारी अंचल – 57 आवेदन निष्पादित
- नगड़ी अंचल – 206 आवेदन निष्पादित
- बुढ़मू अंचल – 105 आवेदन निष्पादित
- मांडर अंचल – 99 आवेदन निष्पादित
- चान्हो अंचल – 93 आवेदन निष्पादित
- रातू प्रखंड सह अंचल – 126 आवेदन निष्पादित
- ईटकी अंचल – 41 आवेदन निष्पादित
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कार्य करते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान किया है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का मिला लाभ
जनता दरबार के माध्यम से कई लाभुकों को वृद्धा पेंशन, आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं। साथ ही केसीसी सत्यापन और अन्य योजनाओं से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें अब छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ता।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त श्री भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए।
‘अबुआ साथी’ बना सहारा
जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा ‘अबुआ साथी’ व्हाट्सएप नंबर (9430328080) भी जारी किया गया है। इसके माध्यम से लोग अपनी शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं, जिससे समाधान प्रक्रिया और भी तेज हो गई है।
प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास
जनता दरबार की इस पहल ने आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। लोग अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे आ रहे हैं। यह पहल सुशासन और जनसहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन रही है।
निष्कर्ष
रांची जिला प्रशासन द्वारा आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहा है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच संवाद को भी मजबूत कर रहा है। त्वरित कार्रवाई, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ यह पहल भविष्य में और अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। यदि इसी तरह निरंतर प्रयास जारी रहे, तो निश्चित रूप से प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ लोगों का जीवन भी आसान होगा।





