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रांची विश्वविद्यालय में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की शुरुआत, मानसिक तनाव से जूझ रहे छात्रों को मिलेगी विशेषज्ञ काउंसलिंग | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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रांची विश्वविद्यालय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर : बदलती जीवनशैली, पढ़ाई का बढ़ता दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर की चिंता के कारण आज बड़ी संख्या में छात्र मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रांची विश्वविद्यालय (Ranchi University) ने छात्रों और कर्मचारियों के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना की है। यह पहल न केवल विश्वविद्यालय परिसर में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर विशेषज्ञ सहायता भी उपलब्ध कराएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि शैक्षणिक सफलता के साथ-साथ छात्रों का मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ होना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि इस केंद्र की स्थापना एक दीर्घकालिक योजना के तहत की गई है।

छात्रों को मिलेगी गोपनीय काउंसलिंग

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ऐसे छात्रों के लिए विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है, जो तनाव, अवसाद, चिंता, अकेलेपन या अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक और विशेषज्ञ छात्रों की समस्याओं को पूरी गोपनीयता के साथ सुनेंगे और आवश्यक परामर्श देंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सेंटर में आने वाले छात्रों की पहचान और उनकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं

रांची विश्वविद्यालय के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की खास बात यह है कि यहां ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन काउंसलिंग की भी सुविधा उपलब्ध होगी। जो छात्र किसी कारणवश सेंटर तक नहीं पहुंच सकते, वे डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे।

यह सुविधा दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगी।

योग, मेडिटेशन और लाइफ स्किल पर भी रहेगा जोर

सिर्फ काउंसलिंग ही नहीं, बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से योग, मेडिटेशन, माइंडफुलनेस सेशन, तनाव प्रबंधन कार्यशाला और लाइफ स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग और ध्यान मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

विश्वविद्यालय ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को केवल मेडिकल काउंसलिंग तक सीमित नहीं रखा है। यहां छात्रों को संगीत, चित्रकला, साहित्य, नाटक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार रचनात्मक गतिविधियां मानसिक तनाव को कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में काफी मददगार होती हैं।

कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

यह सुविधा केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध रहेगी। कार्यस्थल का तनाव, जिम्मेदारियों का दबाव और मानसिक थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारी भी विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।

इससे विश्वविद्यालय में एक स्वस्थ और सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित होने की उम्मीद है।

क्यों जरूरी है ऐसा सेंटर?

पिछले कुछ वर्षों में देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ी है। प्रतियोगी माहौल, परीक्षा का दबाव, पारिवारिक अपेक्षाएं, सोशल मीडिया का प्रभाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते उचित काउंसलिंग और सहयोग मिल जाए तो कई गंभीर मानसिक समस्याओं को रोका जा सकता है।

झारखंड के लिए बड़ी पहल

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रांची विश्वविद्यालय की यह पहल झारखंड के अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती है। यदि अन्य उच्च शिक्षण संस्थान भी इसी तरह के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित करते हैं तो हजारों विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सकेगी।

नई शिक्षा नीति (NEP) में भी विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है। ऐसे में रांची विश्वविद्यालय का यह कदम नीति के उद्देश्यों के अनुरूप माना जा रहा है।

छात्रों को क्या मिलेगा?

  • विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिकों से गोपनीय काउंसलिंग।
  • ऑनलाइन एवं ऑफलाइन परामर्श सुविधा।
  • योग और मेडिटेशन सत्र।
  • तनाव प्रबंधन एवं लाइफ स्किल कार्यशालाएं।
  • कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी।
  • मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम।
  • शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए भी परामर्श सुविधा।

मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

आज भी समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं। कई छात्र मानसिक परेशानी होने के बावजूद किसी से अपनी बात साझा नहीं कर पाते। ऐसे में विश्वविद्यालय का यह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर न केवल उपचार बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए। समय पर सहायता मिलने से विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ एक स्वस्थ और संतुलित जीवन भी जी सकते हैं।

निष्कर्ष

रांची विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर छात्रों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है। काउंसलिंग, योग, मेडिटेशन, विशेषज्ञों की सलाह और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह केंद्र तनावग्रस्त विद्यार्थियों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनेगा। उम्मीद की जा रही है कि यह पहल झारखंड के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल साबित होगी और राज्य में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार करेगी।

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