सुदेश महतो ने अपने आवास पर की मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना, विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना | Jharkhand News | Bhaiyajii News

सुदेश महतो | Jharkhand News | Bhaiyajii News

रांची। झारखंड के वरिष्ठ राजनीतिक नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर अपने बुकरु, रांची स्थित आवास पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की। इस अवसर पर उन्होंने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर मां सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त किया और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति एवं प्रगति की कामना की।

पूजन कार्यक्रम में सुदेश महतो सपरिवार उपस्थित रहे। उनकी धर्मपत्नी एवं झारखंड ओलिंपिक संघ की वरीय उपाध्यक्ष नेहा महतो सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी पूरे श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया। पूजा के दौरान पूरे आवास परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण देखने को मिला। मंत्रोच्चार, धूप-दीप और पुष्प अर्पण के साथ मां सरस्वती की आराधना की गई, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।

हर वर्ष निभाई जाती है परंपरा

गौरतलब है कि सुदेश महतो प्रत्येक वर्ष अपने आवास पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजन करते हैं। यह परंपरा उनके परिवार में वर्षों से चली आ रही है, जो भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाती है। उनका मानना है कि मां सरस्वती की कृपा से जीवन में ज्ञान, विवेक, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि समाज और राज्य के विकास के लिए भी आवश्यक है।

प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

इस पावन अवसर पर सुदेश महतो ने झारखंड के समस्त प्रदेशवासियों को सरस्वती पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती सभी के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाएं, युवाओं को सही दिशा प्रदान करें और राज्य को शिक्षा, संस्कृति तथा खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान और परिश्रम ही जीवन में सफलता का मूल मंत्र है।

दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

सरस्वती पूजा के दिन सुदेश महतो के आवास पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। दिन भर लोग मां सरस्वती के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। स्थानीय लोगों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने भी इस अवसर पर उपस्थित होकर पूजा में भाग लिया। सभी ने मां सरस्वती से समाज में शांति, सद्भाव और विकास की कामना की।

सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश

सुदेश महतो ने इस अवसर पर कहा कि सरस्वती पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति और संस्कारों को सहेजने का पर्व है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा और विवेक की सबसे अधिक आवश्यकता है। यदि समाज शिक्षित और जागरूक होगा, तभी राज्य और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक

आजसू पार्टी प्रमुख द्वारा हर वर्ष सरस्वती पूजा का आयोजन उनके सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को भी दर्शाता है। राजनीति के साथ-साथ वे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, सुदेश महतो द्वारा अपने आवास पर मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना और विधिवत पूजा-अर्चना न केवल उनकी व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है। मां सरस्वती के आशीर्वाद से ज्ञान, विवेक और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए यह आयोजन श्रद्धा, विश्वास और संस्कृति का सुंदर संगम बनकर सामने आया।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News