रांची में जनता दरबार: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सुनी जनता की समस्याएं, कई मामलों का मौके पर समाधान | Jharkhand News | Bhaiyajii News

रांची में जनता दरबार | Jharkhand News | Bhaiyajii News

रांची जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम लोगों के लिए राहत लेकर आया। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार लगाकर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया।

इस जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर पहुंचे, जहां प्रशासन ने गंभीरता से सुनवाई करते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों को पारदर्शी, संवेदनशील और त्वरित सेवा प्रदान करना है।

जनता दरबार बना लोगों की उम्मीद का केंद्र

रांची में आयोजित यह जनता दरबार एक बार फिर इस बात का उदाहरण बना कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर लोगों को राहत दी। वहीं, जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दिया गया ताकि उनका शीघ्र निपटारा हो सके।

जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व से जुड़े मामले, पेंशन, आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, जल-बिजली-सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

भूमि विवाद के मामलों पर विशेष ध्यान

जनता दरबार में सबसे अधिक मामले जमीन और राजस्व से जुड़े सामने आए।

BIT मेसरा का मामला

ग्राम BIT मेसरा होंबई निवासी एक महिला ने शिकायत की कि उनके पति द्वारा खरीदी गई जमीन और मकान को उनके पुत्र और अन्य लोगों ने गलत तरीके से बेच दिया। इस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को जांच कर दाखिल-खारिज पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।

नामकुम का विवाद

नामकुम क्षेत्र से आए एक मामले में आरोप लगाया गया कि गलत वंशावली बनाकर नशे की हालत में जमीन के कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। इस गंभीर मामले को देखते हुए उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सदर रांची को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इटकी क्षेत्र का मामला

इटकी निवासी ने शिकायत की कि उनकी जमीन पर भू-माफिया द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

प्रशासन की सख्ती: अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खलारी में पंचायत सचिव पर कार्रवाई

प्रखंड खलारी की निवासी कविता उरांव ने अपने पति के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में देरी को लेकर पंचायत सचिव पर शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने अंचल अधिकारी खलारी को तत्काल पंचायत सचिव को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

मांडर में अमीन पर कार्रवाई

मांडर थाना क्षेत्र के कंजिया गांव के निवासी ने जमीन मापी के लिए आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को तत्काल जमीन की मापी कराने और संबंधित अमीन पर कार्रवाई करते हुए शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया।

जमीन मापी और सीमांकन के मामलों पर भी निर्देश

जनता दरबार में कई ऐसे मामले भी आए, जहां लोगों ने जमीन के सीमांकन और मापी से जुड़ी समस्याएं बताईं।

सिल्ली का मामला

सिल्ली निवासी, जो वर्तमान में गुजरात में कार्यरत हैं, ने शिकायत की कि उनकी खरीदी हुई जमीन का सीमांकन नहीं किया गया। इस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को तत्काल जमीन की नापी कराने का निर्देश दिया।

इन मामलों से स्पष्ट होता है कि जमीन से जुड़े विवाद आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं, जिसे प्रशासन गंभीरता से सुलझाने का प्रयास कर रहा है।

योजनाओं और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठे

जनता दरबार में सिर्फ जमीन विवाद ही नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।

लोगों ने पेंशन, आवास योजना, राशन, जल आपूर्ति, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में आ रही समस्याओं को रखा।

उपायुक्त ने इन सभी मामलों में संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी लाभार्थी को योजना का लाभ मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।

उपायुक्त का संदेश: जनता दरबार है प्रशासन और जनता के बीच सेतु

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा—

“जनता दरबार जिला प्रशासन और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु है। हमारा उद्देश्य है कि लोगों की समस्याओं का समाधान उनके स्तर पर ही त्वरित रूप से किया जाए, ताकि उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।”

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि हर नागरिक को समय पर न्याय और सेवा मिले।

नियमित आयोजन से हजारों लोगों को मिल रहा लाभ

जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आयोजित जनता दरबार के माध्यम से अब तक हजारों लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।इस पहल से न केवल लोगों का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है, बल्कि शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।जनता दरबार में सीधे उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने का अवसर मिलने से लोगों को अपनी बात रखने में आसानी होती है।

शिकायत के लिए व्हाट्सएप सुविधा भी उपलब्ध

रांची जिला प्रशासन ने जन शिकायतों के लिए व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है।

नागरिक “अबुआ साथी” व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे उन लोगों को भी सुविधा मिल रही है, जो कार्यालय नहीं पहुंच पाते।

प्रशासन का लक्ष्य: पारदर्शी और संवेदनशील शासन

रांची जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है कि शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जाए।जनता दरबार जैसी पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाती है और समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई की जाती है।प्रशासन का मानना है कि यदि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए तो न केवल उनकी परेशानियां कम होंगी, बल्कि शासन व्यवस्था पर उनका विश्वास भी मजबूत होगा।

निष्कर्ष

रांची में आयोजित जनता दरबार ने एक बार फिर साबित किया कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करे तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकता है।उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने कई मामलों का मौके पर निपटारा कर लोगों को राहत पहुंचाई, वहीं अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर जवाबदेही भी सुनिश्चित की।जनता दरबार जैसे प्रयास न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और सहयोग की मजबूत नींव भी तैयार कर रहे हैं।

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