रांची में एलपीजी संकट पर बड़ा मंथन: प्रशासन और व्यापारिक संगठनों की अहम बैठक, PNG को बताया बेहतर विकल्प | Jharkhand News | Bhaiyajii News

एलपीजी संकट | Jharkhand News | Bhaiyajii News

एलपीजी संकट : रांची में इन दिनों व्याप्त एलपीजी गैस, विशेष रूप से कमर्शियल गैस की कमी को लेकर जिला प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के मुख्यालय, मेन रोड स्थित सभागार में आयोजित हुई, जिसमें जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रांची में एलपीजी गैस की कमी से उत्पन्न समस्याओं का समाधान ढूंढना और प्रशासन एवं व्यापारिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

कमर्शियल गैस की कमी से जूझ रहा रांची

बैठक के दौरान FJCCI के सदस्यों ने रांची में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि गैस की आपूर्ति में अनियमितता के कारण होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और स्ट्रीट फूड व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।व्यापारियों ने कहा कि समय पर गैस नहीं मिलने से उनका उत्पादन प्रभावित हो रहा है, लागत बढ़ रही है और कई मामलों में कर्मचारियों की छंटनी तक करनी पड़ रही है।इसके अलावा, सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

व्यापारियों ने रखी अपनी समस्याएं

बैठक में मौजूद व्यापारिक प्रतिनिधियों ने विस्तार से अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। उन्होंने बताया कि—

  • गैस की समय पर होम डिलीवरी नहीं हो रही
  • बाजार में कालाबाजारी के कारण कीमतें बढ़ रही हैं
  • छोटे व्यवसायियों को गैस मिलने में ज्यादा परेशानी हो रही है
  • सप्लाई चेन में पारदर्शिता की कमी है

व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएं।

प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रशासन इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रख रहा है।उन्होंने कहा कि जिले के वरीय अधिकारियों की टीम को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित निरीक्षण करें, स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर उपभोक्ताओं और व्यापारियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

PNG को बताया बेहतर विकल्प

बैठक में उपायुक्त ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को एलपीजी के विकल्प के रूप में अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि PNG एक सुरक्षित, निरंतर, पर्यावरण-अनुकूल और लागत-प्रभावी विकल्प है। उन्होंने व्यापारिक समुदाय से अपील की कि जहां संभव हो, वहां PNG कनेक्शन लेने के लिए आगे आएं।उन्होंने यह भी बताया कि PNG कनेक्शन लेने के इच्छुक लोग टोल-फ्री नंबर 1800-123-121111 पर संपर्क कर सकते हैं और प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।उपायुक्त ने कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाएं लोगों में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

शिकायतों के लिए ईमेल और पोर्टल की सुविधा

एलपीजी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष ईमेल आईडी भी शुरू की है।

अब उपभोक्ता और व्यापारी अपनी शिकायतें जैसे—

  • कालाबाजारी
  • अवैध भंडारण
  • सप्लाई में अनियमितता

सीधे lpgranchi2026@gmail.com पर भेज सकते हैं।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त शिकायतों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा, नागरिक अबुआ साथी पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।जन शिकायत के लिए रांची जिला प्रशासन का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 भी उपलब्ध है।

बैठक में शामिल हुए कई प्रमुख अधिकारी

इस बैठक में जिला प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।इनमें सहायक निदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (भारत सरकार) श्री गौरव कुमार, जिला उद्योग पदाधिकारी श्री राजीव रंजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय सहित कई अधिकारी शामिल थे।वहीं FJCCI की ओर से अध्यक्ष श्री आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष श्री प्रवीण लोहिया, सह सचिव श्री नवजोत अलंग, श्री रोहित पोद्दार, और कई अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री के वैश्विक प्रयासों का जिक्र

बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन हाल ही में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल हुए थे।उन्होंने कहा कि इस तरह के वैश्विक मंचों पर भागीदारी से झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और इसका सीधा लाभ रांची के व्यापारिक समुदाय को मिलेगा।

प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल

इस बैठक को प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच बेहतर तालमेल का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।FJCCI के प्रतिनिधियों ने बैठक को रचनात्मक और फलदायी बताते हुए जिला प्रशासन के साथ भविष्य में भी सहयोग बनाए रखने की बात कही।उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की बैठकों से न केवल एलपीजी समस्या का समाधान होगा, बल्कि अन्य विकासात्मक मुद्दों पर भी मिलकर काम करने का रास्ता खुलेगा।

आगे की राह

रांची में एलपीजी संकट को देखते हुए यह स्पष्ट है कि प्रशासन और व्यापारिक समुदाय को मिलकर काम करना होगा।एक ओर जहां प्रशासन निगरानी और कार्रवाई को मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों को भी वैकल्पिक उपायों जैसे PNG को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।यदि दोनों पक्ष मिलकर काम करें तो न केवल वर्तमान समस्या का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सकेगा।

निष्कर्ष

रांची में एलपीजी गैस की कमी को लेकर आयोजित यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। इसमें जहां व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया, वहीं प्रशासन ने भी ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया।PNG जैसे विकल्प को बढ़ावा देने, शिकायतों के लिए ईमेल और पोर्टल की सुविधा देने और निगरानी को सख्त करने जैसे कदम इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।आने वाले समय में इन उपायों का कितना असर होता है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल यह बैठक रांची में एलपीजी संकट के समाधान की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखी जा रही है।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News