Ranchi Loot Case : रांची जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार पेट्रोल पंप और दुकानों में लूटपाट की घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल बना दिया था। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों—डोरंडा, पंडरा (पुंदाग), ओरमांझी, बीआईटी मेसरा और टाटीसिल्वे—में हुई इन घटनाओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
इन बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया और अब तक कुल 11 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पहले 10 अपराधी गिरफ्तार, अब 11वां आरोपी भी पकड़ा गया
पुलिस ने 29 मार्च 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों के पास से हथियार और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए गए थे। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।इन गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसी आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही थी।इसी क्रम में 1 अप्रैल 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि इस गिरोह का एक अन्य सदस्य मोहम्मद तल्हा, जो गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था, शहर छोड़कर भागने की तैयारी में है।
नेवरी गोलचक्कर से आरोपी की गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और नेवरी गोलचक्कर के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद तल्हा के रूप में हुई है, जो लोअर बाजार थाना क्षेत्र के कर्बला नगर, चर्च रोड का रहने वाला है।पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, 4500 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद की है।यह गिरफ्तारी पूरे मामले में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था।
पूछताछ में कबूला कई वारदातों का सच
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद तल्हा ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि उसने पहले गिरफ्तार किए गए 10 अपराधियों और अन्य साथियों के साथ मिलकर कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था।उसने बताया कि पुंदाग स्थित साहू चौक के पास एक पेट्रोल पंप, बीआईटी मेसरा क्षेत्र में दो पेट्रोल पंप, टाटीसिल्वे में एक पेट्रोल पंप, डोरंडा थाना क्षेत्र में एक दुकान और ओरमांझी क्षेत्र में महेता लाइन होटल के पास एक दुकान में लूटपाट की गई थी।इतना ही नहीं, आरोपी ने यह भी कबूल किया कि वारदात के दौरान दुकानदारों को डराने के लिए चाकू का इस्तेमाल किया गया और कुछ मामलों में हमला भी किया गया।
संगठित तरीके से करता था गिरोह वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पूरी योजना के साथ वारदातों को अंजाम देता था। पहले रेकी की जाती थी, फिर समय और स्थान तय कर लूट की घटना को अंजाम दिया जाता था।वारदात के बाद आरोपी तेजी से मौके से फरार हो जाते थे और लूटे गए पैसे को आपस में बांट लेते थे। इस तरह गिरोह ने कम समय में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया।इस गिरोह की गतिविधियों से साफ है कि यह एक संगठित अपराध नेटवर्क था, जो लगातार शहर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय था।
अपराधी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोहम्मद तल्हा का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। उसके खिलाफ लोअर बाजार थाना में पहले भी कई मामले दर्ज हैं।इनमें मारपीट, धमकी और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत केस शामिल हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामला भी दर्ज बताया जा रहा है।इससे यह साफ होता है कि आरोपी पहले से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है और लगातार कानून को चुनौती देता रहा है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने साफ किया है कि इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।SIT टीम इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हैं।
शहर में बढ़ी सतर्कता, लोगों को मिली राहत
इस कार्रवाई के बाद रांची शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस ने पेट्रोल पंप और दुकानों के आसपास गश्त बढ़ा दी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को दोबारा रोका जा सके।लगातार हो रही लूट की घटनाओं से जहां लोगों में डर का माहौल था, वहीं अब इस बड़ी कार्रवाई के बाद लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है।
निष्कर्ष: संगठित अपराध पर पुलिस का सख्त वार
रांची में हुई इन लूट की घटनाओं का खुलासा यह दिखाता है कि संगठित अपराध किस तरह शहर की कानून-व्यवस्था को चुनौती दे सकता है।हालांकि, पुलिस की त्वरित और रणनीतिक कार्रवाई ने इस गिरोह को पकड़ने में सफलता दिलाई है। 11 आरोपियों की गिरफ्तारी और कई वारदातों का खुलासा यह साबित करता है कि पुलिस अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाकी फरार आरोपियों को कब तक पकड़ा जाता है और इस पूरे नेटवर्क का कितना बड़ा हिस्सा सामने आता है।




