रांची में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने नामकुम अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति और लंबित मामलों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण में कई महत्वपूर्ण खामियां सामने आईं, जिस पर DC ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। यह कदम प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपस्थिति पंजी की जांच, समय पर आने के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान DC ने सबसे पहले कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ कर्मचारी नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं आ रहे हैं।
इस पर उन्होंने सभी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचे और अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
6 माह से अनुपस्थित कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें निम्नवर्गीय लिपिक राम चरित्र मिस्त्री पिछले छह माह से बिना किसी सूचना या अनुमति के अनुपस्थित पाए गए।
इस पर DC ने गहरी नाराजगी जताते हुए अंचल अधिकारी को तत्काल उनके खिलाफ आरोप पत्र (प्रपत्र-क) गठित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।यह कार्रवाई प्रशासन की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाया जा रहा है।
महत्वपूर्ण रजिस्टरों का किया गया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान DC ने कार्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। इनमें कैश बुक, सर्विस बुक, आगत-निर्गत पंजी और अतिक्रमण पंजी शामिल थे।
उन्होंने पाया कि कुछ रजिस्टरों का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी रजिस्टरों को नियमानुसार अपडेट किया जाए और पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
लॉग बुक पंजी को अपडेट रखने का निर्देश
प्रधान सहायक को विशेष रूप से लॉग बुक पंजी को नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया गया। DC ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में रिकॉर्ड का सही रखरखाव बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी समय जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
दाखिल-खारिज मामलों में देरी पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान DC ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई मामले पिछले तीन महीनों से लंबित पड़े हैं।
इस पर उन्होंने अंचल निरीक्षक और राजस्व उप-निरीक्षकों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि 10 डिसमिल से कम भूमि से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
आम नागरिकों को न दौड़ाने की सख्त हिदायत
DC ने साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी जानबूझकर मामलों में देरी करता है या नागरिकों को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश प्रशासन को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निरीक्षण में मौजूद रहे कई अधिकारी
इस निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, अंचल अधिकारी कमल किशोर सिंह और जिला जन संपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
इन अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने दें।
पारदर्शी और त्वरित सेवा देने पर जोर
DC मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और सुगम सेवाएं प्रदान करना है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
नामकुम अंचल कार्यालय में किया गया यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इससे न केवल कर्मचारियों में अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
निष्कर्ष: जवाबदेह प्रशासन की ओर मजबूत कदम
रांची में DC द्वारा किया गया यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि प्रशासन अब लापरवाही के प्रति सख्त रुख अपना रहा है।यदि इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहती है, तो निश्चित रूप से सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जनता का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत होगा।यह कदम एक ऐसे प्रशासन की ओर संकेत करता है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सुविधा को प्राथमिकता देता है।




