Ranchi exam section 163 restrictions : झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित होने वाली झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व सख्ती बरतने का फैसला लिया है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
यह आदेश 12 अप्रैल 2026 को सुबह 4:00 बजे से शाम 9:30 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार की भीड़, अव्यवस्था या गैरकानूनी गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन का बड़ा फैसला
अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) सदर रांची द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं।इसी को ध्यान में रखते हुए धारा-163 लागू की गई है, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
क्या है धारा-163 और क्या रहेंगे नियम
धारा-163 के तहत प्रशासन को यह अधिकार होता है कि वह किसी भी क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंध लागू कर सके।इस आदेश के तहत:
- 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक
- किसी भी प्रकार की सभा, रैली या प्रदर्शन पर प्रतिबंध
- लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग वर्जित
- हथियार या घातक वस्तु लेकर चलने पर प्रतिबंध
इन नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
परीक्षा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं:
- हर परीक्षा केंद्र पर दंडाधिकारी की तैनाती
- पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की नियुक्ति
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी
- लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।
80 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए
इस परीक्षा के लिए रांची शहर में 80 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।इनमें प्रमुख संस्थान शामिल हैं:
- DAV पब्लिक स्कूल (गांधी नगर, बरियातू)
- सेंट जेवियर्स कॉलेज
- मारवाड़ी कॉलेज
- बिशप स्कूल
- गुरू गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल
- योगोदा सत्संग विद्यालय
- बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा
- कस्तूरबा हाई स्कूल
- लोयोला कॉन्वेंट स्कूल
इसके अलावा शहर के लगभग सभी प्रमुख सरकारी और निजी स्कूलों को केंद्र बनाया गया है, जिससे हजारों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
क्यों जरूरी है यह सख्ती
पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अव्यवस्था की घटनाएं सामने आई हैं।ऐसे में प्रशासन का उद्देश्य है:
- निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना
- कदाचार पर पूरी तरह रोक लगाना
- अभ्यर्थियों को सुरक्षित वातावरण देना
इस बार प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहता।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी निर्देश
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
- समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें
- एडमिट कार्ड और पहचान पत्र साथ रखें
- मोबाइल, स्मार्टवॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न लाएं
- किसी भी प्रकार की अफवाह से दूर रहें
ट्रैफिक और आम जनता पर असर
निषेधाज्ञा लागू होने के कारण परीक्षा केंद्रों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन प्रतिबंध
- अभिभावकों को केंद्र से दूरी बनाए रखने की सलाह
- पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियंत्रण
झारखंड में परीक्षा व्यवस्था पर फोकस
झारखंड में बढ़ती प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए प्रशासन अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गया है।
- पारदर्शिता पर जोर
- तकनीकी निगरानी
- सख्त नियमों का पालन
यह कदम राज्य में बेहतर परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
निष्कर्ष
रांची में झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 को लेकर लागू की गई यह सख्ती यह दर्शाती है कि प्रशासन अब किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। 200 मीटर के दायरे में लागू निषेधाज्ञा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से यह उम्मीद की जा रही है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी।




