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श्रावणी मेला 2026 : देवघर में कानून-व्यवस्था के लिए 69 DSP रैंक के अधिकारियों की तैनाती, जानें पूरी सुरक्षा व्यवस्था | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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श्रावणी मेला 2026 : झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला 2026 को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए 69 पुलिस उपाधीक्षक (DSP) एवं वरीय DSP रैंक के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है।

इन अधिकारियों की तैनाती 25 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान लाखों की संख्या में देशभर से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों के नेतृत्व में निभाई जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह तैनाती?

श्रावणी मेला भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष सावन महीने में लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है—

  • भीड़ नियंत्रण
  • यातायात प्रबंधन
  • कानून-व्यवस्था बनाए रखना
  • आपातकालीन स्थिति से निपटना
  • वीआईपी एवं आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा
  • महिला एवं बच्चों की सुरक्षा

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस बार अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती का निर्णय लिया है।

25 जुलाई से संभालेंगे जिम्मेदारी

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी 25 जुलाई को संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष योगदान देंगे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में ड्यूटी सौंपी जाएगी।

इनकी तैनाती मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों में की जाएगी—

  • देवघर जिला
  • दुमका जिला
  • रेल धनबाद क्षेत्र
  • कांवर पथ के संवेदनशील स्थान
  • प्रमुख मंदिर परिसर
  • यातायात नियंत्रण बिंदु

कई विशेष इकाइयों के अधिकारी भी होंगे शामिल

इस बार केवल जिला पुलिस ही नहीं बल्कि विभिन्न विशेष इकाइयों के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें शामिल हैं—

  • झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP)
  • इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB)
  • स्पेशल टास्क फोर्स (STF)
  • एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS)
  • विशेष शाखा
  • जंगल वारफेयर स्कूल
  • अन्य पुलिस इकाइयों के अधिकारी

इन अधिकारियों का अनुभव किसी भी आपात स्थिति, सुरक्षा चुनौती या भीड़ नियंत्रण के दौरान प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

झारखंड सरकार का उद्देश्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन और पूजा-अर्चना कर सके।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन कई स्तरों पर तैयारी कर रहा है। इनमें शामिल हैं—

  • मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल
  • सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
  • ड्रोन सर्विलांस
  • कंट्रोल रूम की स्थापना
  • मेडिकल सहायता केंद्र
  • महिला सुरक्षा डेस्क
  • खोया-पाया केंद्र
  • आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती
  • फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता

भीड़ प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस

श्रावणी मेला के दौरान कई दिनों तक लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। सोमवार, पूर्णिमा और विशेष तिथियों पर भीड़ कई गुना बढ़ जाती है।

ऐसे में पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से निम्न जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी—

  • कतार व्यवस्था बनाए रखना
  • श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करना
  • यातायात को सुचारु रखना
  • वीआईपी मूवमेंट का समन्वय
  • संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी
  • अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई

अनुपस्थित अधिकारी की जगह तुरंत होगी नई तैनाती

पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी अवकाश, बीमारी या अन्य कारणों से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहता है तो संबंधित नियंत्रक अधिकारी उसकी जगह तुरंत दूसरे अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न आने पाए।

मेला समाप्त होने के बाद लौटेंगे मूल पदस्थापन पर

आदेश के अनुसार 31 अगस्त 2026 को मेला समाप्त होने के बाद सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी अपने मूल पदस्थापन स्थल पर वापस लौटेंगे। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे।

स्थानीय प्रशासन भी कर रहा व्यापक तैयारी

श्रावणी मेला को सफल बनाने के लिए केवल पुलिस विभाग ही नहीं बल्कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, बिजली विभाग, पेयजल विभाग, परिवहन विभाग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और रेलवे भी संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए—

  • अस्थायी शिविर बनाए जा रहे हैं।
  • पेयजल व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
  • सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
  • मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की जा रही हैं।
  • ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया जा रहा है।
  • प्रमुख मार्गों पर सूचना केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, पुलिस और स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत निकटतम पुलिसकर्मी या कंट्रोल रूम को दें। इससे मेला सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा।

निष्कर्ष

श्रावणी मेला 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा 69 DSP एवं वरीय DSP स्तर के अधिकारियों की तैनाती एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई यह तैयारी इस बार के मेले को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन हर स्तर पर सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

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