रांची: झारखंड में JPSC–JSSC भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और अधिक तेज हो गया है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों के बीच पांच और अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इसके साथ ही आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है और सरकार पर जल्द समाधान निकालने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र चाहते हैं कि वार्ता पूरी तरह पारदर्शी हो और सभी प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
कई दिनों से जारी है आंदोलन
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को आंदोलन का मुख्य केंद्र बनाया गया है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
शुरुआत में आंदोलन धरना और प्रदर्शन तक सीमित था, लेकिन समय बीतने के साथ छात्रों ने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया। अब पांच और छात्रों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने से आंदोलन और अधिक गंभीर हो गया है।
भूख हड़ताल में बढ़ी भागीदारी
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल शुरू की है।
नए पांच छात्रों के शामिल होने के बाद भूख हड़ताल में भाग लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य अभ्यर्थी भी इन छात्रों का समर्थन कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
- योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा।
- भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता।
- जांच पूरी होने तक विवादित मामलों पर स्पष्ट निर्णय।
छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इसका सबसे अधिक नुकसान मेहनती अभ्यर्थियों को होता है।
सरकार से बातचीत की तैयारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से बातचीत का संकेत मिलने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने भी वार्ता के लिए अपनी सहमति जताई है।
हालांकि आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि बातचीत केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि वार्ता पारदर्शी हो, सभी पक्षों की बातें सुनी जाएं और ठोस निर्णय सामने आए।
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि बातचीत से सकारात्मक समाधान निकलता है तो आंदोलन की दिशा पर विचार किया जा सकता है।
CID की जांच भी जारी
इसी बीच भर्ती परीक्षा अनियमितता मामले में CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हाल ही में CID ने पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है।
इन नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 19 हो गई है। जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, बैंक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
छात्रों का कहना है कि गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि मामले की गंभीरता को स्वीकार किया गया है, लेकिन दोषियों को सजा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विधानसभा में भी गूंजा मुद्दा
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी JPSC–JSSC भर्ती विवाद प्रमुख मुद्दा बन गया है।
विपक्ष ने सरकार से पूरे मामले पर जवाब मांगा है और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई विधायकों ने छात्रों की चिंताओं को गंभीर बताते हुए जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता जताई।
छात्रों को मिल रहा सामाजिक समर्थन
आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और कई पूर्व छात्रों का भी समर्थन मिल रहा है।
समर्थन देने वाले संगठनों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ न्याय हो सके।
कई अभिभावक भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं।
स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की लगातार स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
डॉक्टरों की टीम समय-समय पर उनका मेडिकल चेकअप कर रही है। लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रहने पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
छात्रों के परिजन भी उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले दिनों में आंदोलन और सरकार के बीच वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यदि बातचीत सफल रहती है तो समाधान की दिशा में प्रगति हो सकती है। वहीं यदि कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता है तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर CID की जांच भी जारी है और जांच के दौरान नए खुलासे या अतिरिक्त गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
निष्कर्ष
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पांच और छात्रों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने से JPSC–JSSC आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, तो दूसरी ओर सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। अब पूरे राज्य की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित वार्ता तथा CID जांच की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले दिन इस आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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