लंबे राजनीतिक करियर और कांग्रेस में मजबूत पकड़ रखने वाली मोहसिना किदवई के निधन से देशभर में शोक की लहर
देश की राजनीति को बड़ा झटका, मोहसिना किदवई नहीं रहीं
मोहसिना किदवई का निधन 94 वर्ष की उम्र में हो गया है। उन्होंने दिल्ली/नोएडा के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं।
उनके निधन की खबर से कांग्रेस पार्टी समेत पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार की करीबी रहीं

मोहसिना किदवई को Indian National Congress की कद्दावर नेताओं में गिना जाता था। वे Indira Gandhi और Rajiv Gandhi के बेहद करीब मानी जाती थीं।
कहा जाता है कि वे गांधी परिवार की भरोसेमंद नेताओं में शामिल थीं और पार्टी के कई अहम राजनीतिक फैसलों में उनकी सलाह ली जाती थी। उन्होंने संगठन को मजबूत करने में जमीनी स्तर पर काम किया और संकट के समय पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी रहीं।
मेरठ की पहली महिला सांसद, रचा था इतिहास
मोहसिना किदवई ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई। वे Meerut से लोकसभा चुनाव जीतने वाली पहली महिला सांसद थीं।
उन्होंने 1980 और 1984 में लगातार जीत दर्ज की, जो उस समय महिला नेतृत्व के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। मेरठ जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र में उनकी जीत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
वे अपने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर सक्रिय रहीं। लोगों के बीच उनकी छवि एक सुलभ और जमीनी नेता की थी, जो सीधे जनता से जुड़ी रहती थीं।
यूपी से लेकर केंद्र तक मजबूत पहचान
Uttar Pradesh की राजनीति में मोहसिना किदवई का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने राज्य सरकार में खाद्य एवं रसद, समाज कल्याण और लघु उद्योग जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
बाराबंकी क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव था और वे वहां की जनता के बीच काफी लोकप्रिय थीं। उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के कल्याण के लिए कई पहल कीं।
बाद में उन्होंने केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया, जिससे उनकी पहचान एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता के रूप में बनी।
अंतिम संस्कार और शोक की लहर
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में किया जाएगा।मोहसिना किदवई के निधन से खासकर उत्तर प्रदेश में गहरा शोक देखा जा रहा है।
एक युग का अंत
मोहसिना किदवई का निधन भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। उन्होंने महिला नेतृत्व को मजबूत करने और कांग्रेस को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी सादगी, अनुभव और समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।




