FJCCI Skill Development : झारखंड में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) ने विभिन्न कौशल विकास संस्थानों के साथ समझौता (MoU) किया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ना है। राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और उद्योगों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
झारखंड लंबे समय से खनिज संपदा और औद्योगिक संभावनाओं के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर होते रहे हैं। ऐसे में FJCCI की यह पहल स्थानीय युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक प्रयास मानी जा रही है।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार मिलेगा प्रशिक्षण
FJCCI और कौशल विकास संस्थानों के बीच हुए समझौते का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि ऐसा प्रशिक्षण देना है जिसकी मांग उद्योगों में वास्तविक रूप से मौजूद है। वर्तमान समय में कई कंपनियां तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर्मचारियों की तलाश में रहती हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा रोजगार योग्य कौशल के अभाव में नौकरी नहीं पा पाते। इस अंतर को कम करने के लिए उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
समझौते के तहत युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रिकल, मशीन ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कंपनियों में प्लेसमेंट की व्यवस्था भी की जाएगी।
रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में रोजगार सृजन के लिए केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। निजी क्षेत्र और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने से रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकते हैं। FJCCI लंबे समय से राज्य में उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य कर रहा है।
चैंबर का मानना है कि यदि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित कर्मचारी मिलेंगे तो उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और नए निवेशकों को भी झारखंड में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के अवसरों में और वृद्धि होगी।
युवाओं के पलायन पर लगेगी रोक
झारखंड के कई जिलों से हर साल हजारों युवा रोजगार की तलाश में दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी रहती है।
यदि राज्य के भीतर ही उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराया जाता है तो युवाओं को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे न केवल परिवारों को लाभ मिलेगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
MSME क्षेत्र को भी होगा लाभ
झारखंड में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) रोजगार सृजन के प्रमुख स्रोत हैं। FJCCI लगातार MSME सेक्टर को मजबूत करने की मांग उठाता रहा है। प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होने से छोटे और मध्यम उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी तथा वे विस्तार कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में यदि कौशल विकास और MSME विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जाए तो हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
सरकार की योजनाओं को मिलेगा समर्थन
झारखंड सरकार का श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करता है। FJCCI की यह पहल सरकारी प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेगी। विभाग का उद्देश्य भी युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
उद्योग जगत और प्रशिक्षण संस्थानों की साझेदारी से प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिक प्रभावी बनेंगे। इससे युवाओं को नौकरी पाने के साथ-साथ उद्यमिता के अवसर भी मिल सकते हैं।
महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष ध्यान
कौशल विकास कार्यक्रमों में महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा हैं जिन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे युवाओं को उद्योगों से जोड़ने के लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किए जा सकते हैं।
महिलाओं के लिए भी रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होने से उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
जब अधिक संख्या में युवा रोजगार प्राप्त करेंगे तो उनकी आय बढ़ेगी और उपभोग क्षमता में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। साथ ही राज्य में निवेश का माहौल भी बेहतर होगा।
झारखंड पहले से ही खनिज संपदा और औद्योगिक संभावनाओं से समृद्ध राज्य है। यदि कौशल विकास और उद्योगों के बीच मजबूत तालमेल स्थापित हो जाता है तो राज्य आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
निष्कर्ष
FJCCI और कौशल विकास संस्थानों के बीच हुआ यह समझौता झारखंड के युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, पलायन में कमी और MSME क्षेत्र को मजबूती जैसे कई सकारात्मक परिणाम इस पहल से सामने आ सकते हैं। यदि इस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में झारखंड रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है।अधिक जानकारी के लिए FJCCI की आधिकारिक वेबसाइट https://www.fjcci.org/ और Jharkhand Skill Development Mission की वेबसाइट https://jsdms.in/ पर विजिट करें।







