पहले लूट, फिर दो हत्याएं… पलामू में दोस्त बना कातिल, कहानी सुनकर दहल जाएंगे | Bhaiyajii News | Jharkhand News

पलामू डबल मर्डर केस | Jharkhand News | Bhaiyajii News

पलामू डबल मर्डर केस: झारखंड के पलामू जिले में सामने आए दोहरे हत्या कांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। अब इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरी वारदात लूटपाट और आपसी विवाद के चलते अंजाम दी गई थी, जिसमें दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

यह मामला जनवरी 2026 का है, जब दो अलग-अलग स्थानों पर दो शव बरामद हुए थे। दोनों शवों की स्थिति बेहद भयावह थी और इससे स्पष्ट हो गया था कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है।

कैसे सामने आया दोहरा हत्याकांड?

घटना की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई, जब चैनपुर थाना क्षेत्र के रैनीबांध तालाब के पास एक आंशिक रूप से जला हुआ शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान शंकर राम (37 वर्ष) के रूप में हुई, जो डालटनगंज के आबादगंज क्षेत्र के निवासी थे।उसी दिन डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास रेलवे पुल के समीप एक और शव मिला। दोनों शवों की हालत देखकर पुलिस को शक हुआ कि यह एक सुनियोजित हत्या है।प्रारंभिक जांच में पाया गया कि दोनों मृतकों के सिर को पत्थर से कुचलकर हत्या की गई थी। इस मामले में अलग-अलग थाना कांड दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के लिए बनी विशेष टीम (SIT)

मामले की गंभीरता को देखते हुए Palamu Police ने तुरंत विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) राजीव रंजन कर रहे थे।जांच के दौरान पुलिस ने:

  • तकनीकी साक्ष्य जुटाए
  • स्थानीय स्तर पर पूछताछ की
  • संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध के रूप में चुनमुन चौधरी उर्फ अजित चौधरी (25 वर्ष) को हिरासत में लिया। वह चैनपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव का रहने वाला है।पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और पूरी वारदात का खुलासा किया।

लूट से शुरू हुई हत्या की कहानी

आरोपी ने बताया कि 15 जनवरी 2026 को वह मजदूरी के बाद डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास अपने साथियों करीवा उर्फ छोटू और शंकर राम के साथ बैठकर नशा कर रहा था।इसी दौरान उसे पता चला कि शंकर राम के पास पैसे हैं, लेकिन वह खर्च नहीं कर रहा है।लोभ में आकर आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर शंकर राम को सुनसान इलाके में ले जाकर उससे ₹1300 लूट लिए।इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी और शव को जलाने का प्रयास किया।

दूसरी हत्या: साथी बना दुश्मन

पहली हत्या के बाद आरोपी और उसका साथी वापस रेलवे स्टेशन की ओर लौट रहे थे।इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोपी के अनुसार, करीवा उर्फ छोटू ने उसे धमकी दी थी।इससे घबराकर आरोपी ने उसे भी रेलवे पुल के पास ले जाकर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और शव को छिपाने की कोशिश की।इस तरह एक ही दिन में दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

बरामदगी से मजबूत हुआ केस

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक शंकर राम से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • पर्स
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

ये बरामदगी इस केस को मजबूत बनाती है और आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करती है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी अपराधों में शामिल रहा है।उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं।यह दर्शाता है कि आरोपी एक आदतन अपराधी है।

इलाके में दहशत, अब मिली राहत

इस दोहरे हत्याकांड के सामने आने के बाद पूरे पलामू क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।लोगों में डर का माहौल था और पुलिस पर जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने का दबाव भी था।अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल और संतोष दोनों

हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल भी खड़े किए हैं:

  • क्या इलाके में अपराध बढ़ रहा है?
  • क्या रात के समय सुरक्षा पर्याप्त है?
  • क्या ऐसे अपराधों को रोकने के लिए और कदम उठाने की जरूरत है?

इसके बावजूद पुलिस की त्वरित कार्रवाई और केस सुलझाने की क्षमता की सराहना भी हो रही है।

तकनीक और टीमवर्क से मिली सफलता

इस केस में पुलिस ने तकनीकी और मानवीय दोनों तरह की जांच का सहारा लिया।

  • मोबाइल ट्रैकिंग
  • स्थानीय सूचना तंत्र
  • गहन पूछताछ

इन सभी के संयोजन से पुलिस को सफलता मिली।

निष्कर्ष

पलामू का यह दोहरा हत्याकांड न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि यह समाज के सामने कई सवाल भी खड़े करता है।पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता जरूर है, लेकिन भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।यह घटना यह भी दिखाती है कि लालच और आपसी विवाद किस तरह इंसान को अपराध की ओर धकेल सकते हैं।

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