रांची में LPG गैस संकट : झारखंड की राजधानी रांची में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न हो रही समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गैस सिलेंडर की कमी, अनियमित आपूर्ति और काला बाजारी की शिकायतों के बीच उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
यह बैठक 24 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करना, आम जनता को हो रही परेशानियों का समाधान निकालना और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना था।
बैठक में उठे अहम मुद्दे
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मुख्य रूप से गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति, डिलीवरी में देरी, बुकिंग सिस्टम में तकनीकी खामियां और कई इलाकों में स्टॉक की कमी जैसे मुद्दे शामिल थे।इन समस्याओं के कारण आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में काला बाजारी के कारण कीमतें भी बढ़ रही हैं।बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स ने भी भाग लिया।
मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करने का निर्देश
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में एलपीजी गैस की मांग और आपूर्ति के बीच जो अंतर है, उसे जल्द से जल्द कम किया जाए। उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाए जाएं।इसके तहत डिस्ट्रीब्यूटर्स को अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध कराने और डिलीवरी शेड्यूल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष निगरानी टीम भी गठित की जाएगी, जो पूरे सिस्टम की लगातार समीक्षा करेगी।
काला बाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि गैस सिलेंडर की काला बाजारी और अवैध भंडारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन विभिन्न माध्यमों से गैस की आपूर्ति और डिलीवरी पर नजर रखेगा। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अनियमितता की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
शिकायत के लिए ईमेल और व्हाट्सएप सुविधा शुरू
जनता की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने एलपीजी से संबंधित शिकायतों के लिए एक विशेष ईमेल आईडी lpgranchi2026@gmail.com शुरू की है। नागरिक इस ईमेल पर अपनी शिकायतें भेज सकते हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, “अबुआ साथी” व्हाट्सएप नंबर 9430328080 भी जारी किया गया है, जहां लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गैस एजेंसियों पर बढ़ेगी निगरानी
बैठक में यह भी सामने आया कि कई जगहों पर गैस डिलीवरी के दौरान अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। कुछ लोग जबरन सिलेंडर लेने की कोशिश करते हैं, जिससे वैध उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पाती।इस समस्या के समाधान के लिए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर गैस एजेंसियों में दंडाधिकारी और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। इससे व्यवस्था बनाए रखने और सही उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने में मदद मिलेगी।
PNG कनेक्शन अपनाने की अपील
उपायुक्त ने लोगों से यह भी अपील की कि जहां संभव हो, वहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन अपनाएं। उन्होंने बताया कि PNG एक सुरक्षित, निरंतर और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।
साथ ही यह भी बताया गया कि PNG कनेक्शन लेने के इच्छुक लोग टोल-फ्री नंबर 1800-123-121111 पर संपर्क कर सकते हैं।
जनता से अपील: पैनिक बुकिंग से बचें
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या गलत जानकारी के आधार पर गैस की पैनिक बुकिंग न करें। इससे कृत्रिम कमी की स्थिति उत्पन्न होती है और अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी होती है।प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
निष्कर्ष
रांची में एलपीजी गैस की समस्या को लेकर जिला प्रशासन का यह सख्त रुख यह दर्शाता है कि अब इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है। काला बाजारी पर लगाम लगाने, आपूर्ति को बेहतर बनाने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए उठाए गए कदम आने वाले दिनों में राहत दे सकते हैं।अब यह देखना होगा कि प्रशासन द्वारा किए गए इन प्रयासों का जमीन पर कितना असर पड़ता है और क्या वास्तव में आम लोगों को इससे राहत मिलती है या नहीं।




