डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से सोमवार को धनबाद में भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रख्यात शिक्षाविद और राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित, शिक्षा, सांस्कृतिक चेतना और अखंड भारत के संकल्प का प्रतीक था। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से देश की राजनीति को नई दिशा दी और राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी। नेताओं ने कहा कि आज भी उनके आदर्श भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हमेशा राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने देश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता के बाद के दौर में थे। उन्होंने युवाओं से डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्रहित को रखा सर्वोपरि
नेताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर हमेशा राष्ट्रहित को महत्व दिया। उनका मानना था कि मजबूत भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्र सेवा का उदाहरण है। उनके विचार आज भी देश के लाखों युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। नेताओं ने कहा कि पार्टी गरीब, वंचित और अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनसंपर्क अभियान के माध्यम से लोगों तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का भी संकल्प लिया।
शिक्षा और राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक थे डॉ. मुखर्जी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था। वे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद, वकील और राजनीतिज्ञ थे। कम उम्र में ही वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
स्वतंत्र भारत की पहली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उन्होंने उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में भी कार्य किया। बाद में वैचारिक मतभेदों के चलते उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसने आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विस्तार पाया।
अखंड भारत के लिए संघर्ष को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के उस ऐतिहासिक संघर्ष का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए आवाज उठाई। नेताओं ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी।
उनके जीवन का प्रत्येक अध्याय देशभक्ति, साहस और समर्पण का संदेश देता है। यही कारण है कि आज भी उनके विचार भारतीय राजनीति और समाज के लिए प्रेरणादायक बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री के संदेश का भी किया उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर व्यक्त श्रद्धांजलि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित महान राष्ट्रभक्त बताया है।
वक्ताओं ने कहा कि देश आज जिन विकास योजनाओं और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, उसमें राष्ट्रहित की वही भावना दिखाई देती है, जिसकी कल्पना डॉ. मुखर्जी ने की थी।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे भाजपा कार्यकर्ता
धनबाद में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन हुआ। नेताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक डॉ. मुखर्जी के विचारों और राष्ट्र सेवा की भावना को पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
धनबाद में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रवाद, शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने वाला आयोजन भी बना। भाजपा नेताओं ने उनके जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का उनका सपना आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करता है।







