रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा JPSC-JSSC छात्र आंदोलन शुक्रवार, 14 अगस्त को 21वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन कर रहे छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी अब 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह यात्रा उनके आंदोलन को नई दिशा और मजबूती देने का प्रयास होगी।
21वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
रांची में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन 25 जुलाई से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी JPSC-JSSC Reforms Manch के बैनर तले भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर किसी भी तरह का सवाल उठने पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कार्रवाई जरूरी है। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
15 अगस्त को निकलेगी तिरंगा यात्रा
आंदोलन के 21वें दिन छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा 15 अगस्त को आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, तिरंगा यात्रा के जरिए वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने और अपनी मांगों को जनता के सामने रखने की कोशिश करेंगे।
छात्रों ने इसे केवल विरोध प्रदर्शन के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकार, रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सामने रखने के माध्यम के तौर पर पेश किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, आंदोलनकारी रांची प्रशासन को भी यह संदेश देना चाहते हैं कि 10 अगस्त की घटना के बाद छात्रों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
10 अगस्त के विधानसभा मार्च के बाद बढ़ा तनाव
JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान 10 अगस्त को छात्रों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया। रिपोर्टों में आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज के इस्तेमाल का भी उल्लेख है।
इस घटना के बाद आंदोलन और ज्यादा चर्चा में आ गया। छात्रों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए, जबकि प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई।
10 अगस्त की घटना के संबंध में पुलिस ने कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की है। विभिन्न रिपोर्टों में आरोपियों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। ऐसे में मामले में जांच और पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई मांगें उठा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई शामिल है।
प्रदर्शनकारियों की ओर से CBI जांच की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। इसके अलावा कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।
छात्रों का तर्क है कि यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी शिकायत सामने आती है, तो उसका असर सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता। इससे परीक्षा देने वाले हजारों या लाखों अभ्यर्थियों का समय, पैसा और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
सरकार की ओर से बातचीत की कोशिश
लगातार आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत की कोशिश भी की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे पहले प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से संवाद और पारदर्शिता पर जोर दिया था। सरकार का कहना रहा है कि वह छात्रों की समस्याओं को सुनने और समाधान की दिशा में बातचीत के लिए तैयार है।
हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी वजह से 21 दिन बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।
CID जांच में भी कार्रवाई तेज
JPSC से जुड़ी कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामलों में झारखंड CID की जांच भी चल रही है। 14 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार, CID ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। यह कार्रवाई कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई।
CID की कार्रवाई के बीच छात्रों की ओर से केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग जारी है। आंदोलनकारियों का मानना है कि व्यापक और निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
छात्र आंदोलन का अगला कदम क्या होगा?
अब सभी की नजर 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा पर है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रस्तावित यह यात्रा आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। छात्रों ने इसे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखने और आंदोलन को आगे बढ़ाने का माध्यम बताया है।
वहीं, प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। 10 अगस्त की घटना के बाद प्रशासन पहले से सतर्क है। छात्रों और प्रशासन दोनों के लिए यह जरूरी होगा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
रोजगार और परीक्षा व्यवस्था पर बड़ी बहस
झारखंड में JPSC और JSSC जैसी संस्थाएं सरकारी नौकरियों के लिए महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं आयोजित करती हैं। राज्य में बड़ी संख्या में युवा इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा कोई भी विवाद व्यापक असर डालता है।
छात्रों का मौजूदा आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। इसमें परीक्षा व्यवस्था में विश्वास, पारदर्शिता, समय पर भर्ती और युवाओं के भविष्य जैसे व्यापक मुद्दे भी शामिल हैं।
आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत से इस विवाद का समाधान निकलता है या आंदोलन और लंबा खिंचता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल 21वें दिन भी छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा को लेकर तैयारियां जारी हैं।
निष्कर्ष
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन अब झारखंड में भर्ती परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। 21 दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा आंदोलन का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगी। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। अब सरकार की अगली पहल और छात्रों की प्रतिक्रिया से आंदोलन की दिशा तय होगी।







