AIIMS Deoghar ECHS : झारखंड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। AIIMS देवघर को Ex-Servicemen Contributory Health Scheme (ECHS), रांची के नेटवर्क में शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद ECHS से जुड़े पूर्व सैनिक, वीर नारियां और पात्र आश्रित AIIMS देवघर में ECHS के प्रावधानों के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे गंभीर और विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
AIIMS देवघर और ECHS के बीच हुआ समझौता
AIIMS देवघर को ECHS के पैनल में शामिल करने के लिए गुरुवार को संस्थान में एक समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ECHS के क्षेत्रीय केंद्र, रांची और AIIMS देवघर प्रशासन के बीच हुआ।
कार्यक्रम में झारखंड एवं बिहार सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, VSM सहित सैन्य और AIIMS प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। इस समझौते के बाद AIIMS देवघर ECHS लाभार्थियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा।
करीब 1.2 लाख लाभार्थियों को मिल सकता है फायदा
AIIMS देवघर के ECHS से जुड़ने का सबसे बड़ा लाभ पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड और बिहार क्षेत्र में करीब 1.2 लाख ECHS लाभार्थियों को इस सुविधा से फायदा मिल सकता है।
इसमें पूर्व सैनिकों के साथ-साथ Veer Naris यानी युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाएं और पात्र आश्रित भी शामिल हैं। ECHS के नियमों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को AIIMS देवघर में उपलब्ध सेवाओं का लाभ लेने का अवसर मिलेगा।
कैशलेस इलाज की सुविधा होगी उपलब्ध
AIIMS देवघर के ECHS नेटवर्क में शामिल होने से पात्र लाभार्थियों को समझौते की शर्तों और ECHS के निर्धारित प्रावधानों के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इसका मतलब है कि पात्र मरीजों को इलाज के लिए सामान्य स्थिति में सीधे भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि ECHS व्यवस्था के तहत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि, मरीजों को इलाज लेने से पहले ECHS के मौजूदा नियमों, रेफरल प्रक्रिया और पात्रता संबंधी शर्तों की जानकारी लेना जरूरी होगा। कौन-सी सेवा किस प्रक्रिया के तहत उपलब्ध होगी, यह संबंधित ECHS नियमों और AIIMS देवघर में उपलब्ध सुविधाओं पर निर्भर करेगा।
विशेषज्ञ इलाज के लिए दूसरे शहर जाने की जरूरत होगी कम
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सामने कई बार गंभीर बीमारी या विशेषज्ञ उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख करने की चुनौती रहती है। झारखंड के कई क्षेत्रों से मरीजों को रांची, पटना, कोलकाता या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों तक जाना पड़ सकता है।
AIIMS देवघर के ECHS नेटवर्क में शामिल होने से इस तरह की परेशानी कम होने की उम्मीद है। खासकर देवघर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लाभार्थियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा अपेक्षाकृत नजदीक उपलब्ध हो सकती है।
इससे इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा, अतिरिक्त समय और परिवार पर पड़ने वाले यात्रा संबंधी खर्च का बोझ भी कम हो सकता है।
AIIMS देवघर की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा विस्तार
AIIMS देवघर झारखंड में केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। संस्थान देवघर के देवीपुर क्षेत्र में स्थित है और यहां OPD, IPD तथा विभिन्न चिकित्सा सेवाएं संचालित होती हैं। AIIMS देवघर की आधिकारिक वेबसाइट पर संस्थान का पता AIIMS Deoghar, Devipur, Jharkhand – 814152 दिया गया है।
ECHS से जुड़ने के बाद संस्थान में आने वाले पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया लाभार्थी वर्ग जुड़ जाएगा। इससे क्षेत्र में सरकारी और संस्थागत स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
पूर्व सैनिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
पूर्व सैनिकों ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना ECHS का प्रमुख उद्देश्य है। AIIMS जैसे संस्थान के साथ ECHS का जुड़ाव लाभार्थियों को उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इससे विशेष रूप से उन मरीजों को फायदा हो सकता है जिन्हें सामान्य इलाज के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टरों, जांच या उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने इस साझेदारी को पूर्व सैनिक समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समय पर गुणवत्तापूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और दूर के चिकित्सा केंद्रों तक जाने की जरूरत कम होगी।
ECHS क्या है?
Ex-Servicemen Contributory Health Scheme यानी ECHS पूर्व सैनिकों, उनके पात्र आश्रितों और संबंधित लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके तहत देशभर में विभिन्न सरकारी और पैनल में शामिल चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
ECHS लाभार्थियों के लिए अस्पताल में इलाज लेने की प्रक्रिया सामान्य मरीजों से अलग हो सकती है। इसलिए AIIMS देवघर में इलाज कराने से पहले संबंधित ECHS पॉलीक्लिनिक या क्षेत्रीय केंद्र से रेफरल और प्रक्रिया की जानकारी लेना जरूरी होगा।
लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?
AIIMS देवघर में ECHS सुविधा का लाभ लेने वाले पात्र लोगों को अपने ECHS कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ रखने चाहिए। उपचार से पहले संबंधित ECHS केंद्र से यह पुष्टि करना बेहतर होगा कि जिस बीमारी या चिकित्सा सेवा के लिए इलाज लेना है, उसके लिए रेफरल आवश्यक है या नहीं।
साथ ही, AIIMS देवघर में उपलब्ध संबंधित विभाग और सेवा की जानकारी पहले प्राप्त करने से मरीजों को समय बचाने में मदद मिल सकती है।
AIIMS देवघर की आधिकारिक वेबसाइट पर संस्थान की जानकारी और संपर्क विवरण उपलब्ध हैं। संस्थान की हेल्प डेस्क का नंबर 06432-227220 दिया गया है।
झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण कदम
AIIMS देवघर का ECHS के साथ जुड़ना केवल पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे झारखंड में बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों की उपयोगिता और पहुंच भी बढ़ेगी।
देवघर पहले से ही धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण है। अब AIIMS के माध्यम से क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का विस्तार भी हो रहा है। ECHS के साथ यह साझेदारी पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए इस चिकित्सा संस्थान को और अधिक उपयोगी बना सकती है।
निष्कर्ष
AIIMS देवघर को ECHS रांची के पैनल में शामिल किया जाना झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है। करीब 1.2 लाख ECHS लाभार्थियों को इसका संभावित लाभ मिलने की बात सामने आई है। पात्र पूर्व सैनिक, वीर नारियां और आश्रित ECHS के नियमों के अनुसार AIIMS देवघर में कैशलेस विशेषज्ञ उपचार का लाभ उठा सकेंगे।
इस कदम से विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए दूर के शहरों की यात्रा कम करने और पूर्व सैनिक परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच देने में मदद मिलने की उम्मीद है।







