रिम्स रांची में सस्ती जांच की बड़ी सुविधा: अब महंगी टेस्ट भी होंगी मुफ्त या कम दरों पर | Jharkhand News | Bhaiyajii News

रिम्स रांची में खून की भारी कमी | Jharkhand News | Bhaiyajii News

झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में अब मरीजों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अस्पताल में जल्द ही ऐसी व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे मरीजों को लगभग सभी प्रकार की जांच एक ही स्थान पर और बेहद सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकेगी। खास बात यह है कि कई महंगी जांचें अब या तो मुफ्त में होंगी या बहुत कम शुल्क पर की जाएंगी।

यह पहल विशेष रूप से उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और महंगी जांचों के कारण निजी लैब पर निर्भर रहने को मजबूर हो जाते थे।

महंगी जांचों से मिलेगी राहत

अब तक कैंसर, थायरॉयड, गठिया और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को निजी लैब में भारी रकम खर्च करनी पड़ती थी। कई बार यह खर्च हजारों से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच जाता था, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था।

लेकिन अब रिम्स में इन जांचों को या तो निशुल्क या बहुत कम दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मरीजों को निजी लैब की महंगी सेवाओं से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा।

एक ही छत के नीचे सभी जांच

रिम्स में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पहले ही सेंट्रल लैब की व्यवस्था की जा चुकी है, जहां पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी और अन्य जांचें एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को अलग-अलग विभागों या बाहरी लैब में भटकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि इलाज में भी तेजी आएगी।

गरीब मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा

रिम्स में हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की होती है। पहले इन मरीजों को कई बार जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ता था, जहां खर्च काफी अधिक होता था।

उदाहरण के तौर पर, जहां रिम्स में अल्ट्रासाउंड जैसी जांच 200 रुपये के आसपास होती है, वहीं निजी अस्पतालों में यही जांच 1000 से 4000 रुपये तक पहुंच जाती है। ऐसे में नई व्यवस्था गरीब मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

आधुनिक मशीनों से होगी सटीक जांच

रिम्स प्रशासन की योजना है कि अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि मरीजों को सटीक और तेज रिपोर्ट मिल सके।

नई मशीनों के आने से न केवल जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि रिपोर्ट मिलने में लगने वाला समय भी कम होगा। इससे गंभीर मरीजों का इलाज समय पर शुरू किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार

झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। रिम्स में सस्ती जांच सुविधा की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इसके साथ ही राज्य में एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य आधुनिक जांच सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को बाहर जाने की जरूरत न पड़े।

निजी लैब पर निर्भरता होगी कम

अब तक मरीजों को मजबूरी में निजी लैब का रुख करना पड़ता था, जिससे इलाज का खर्च कई गुना बढ़ जाता था।नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों की निजी लैब पर निर्भरता कम होगी और सरकारी अस्पतालों पर विश्वास बढ़ेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुलभता भी बढ़ेगी।

भविष्य की योजनाएं

रिम्स प्रशासन भविष्य में और भी नई जांच सुविधाएं शुरू करने की योजना बना रहा है। साथ ही डिजिटल रिपोर्ट सिस्टम, 24 घंटे जांच सुविधा और विशेषज्ञ तकनीशियनों की नियुक्ति पर भी जोर दिया जा रहा है।इससे मरीजों को बेहतर और तेज स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

निष्कर्ष

रिम्स रांची में सस्ती और आधुनिक जांच सुविधाओं की शुरुआत झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इससे न केवल मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि समय पर और बेहतर इलाज भी संभव हो सकेगा।यह पहल खासतौर पर गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आने वाले समय में यदि इस व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया गया, तो यह पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा दे सकता है।

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