दिशोम गुरु लाइब्रेरी : पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर शहर को एक बड़ी सौगात मिली है। साकची स्ट्रेट माइल रोड स्थित नवनिर्मित दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी का भव्य शुभारंभ किया गया। यह जिला स्तरीय आधुनिक पुस्तकालय न केवल पुस्तक प्रेमियों बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होने जा रहा है।
इस अवसर पर जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह और उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय को विधिवत रूप से आम जनता के लिए समर्पित किया गया।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बहुमंजिला पुस्तकालय
साकची में निर्मित यह जिला स्तरीय पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं से लैस एक बहुमंजिला भवन है, जो लगभग 22,500 वर्ग फीट क्षेत्रफल में विकसित किया गया है।
इस पुस्तकालय में—
- प्रथम तल पर लाइब्रेरी, रीडिंग रूम, दुकानें और शौचालय
- द्वितीय एवं तृतीय तल पर डिजिटल लाइब्रेरी, जिला विज्ञान केंद्र और अध्ययन कक्ष
- चतुर्थ तल पर बहुउद्देश्यीय सभागार
इसके अलावा भवन में दो लिफ्ट, दो सीढ़ियां, अग्निशमन प्रणाली, पार्किंग सुविधा जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
छात्रों के लिए बनेगा नया अध्ययन केंद्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि यह लाइब्रेरी शहर के छात्रों और पुस्तक प्रेमियों के लिए एक नया ज्ञान केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि—
“इस लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।”वहीं विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह पुस्तकालय जमशेदपुर में अध्ययन के एक नए केंद्र के रूप में पहचान बनाएगा। खासकर गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को यहां मुफ्त में उच्च गुणवत्ता की पुस्तकें उपलब्ध होंगी।
विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री उपलब्ध
पूर्व विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा युवाओं के लिए विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस लाइब्रेरी के संचालन और रखरखाव में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, ताकि यह सुविधा लंबे समय तक प्रभावी ढंग से चल सके।
30 हजार किताबों का लक्ष्य, अभी 8 हजार से शुरुआत
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि फिलहाल इस लाइब्रेरी में करीब 8,000 पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 30,000 पुस्तकों तक किया जाएगा।
इन पुस्तकों में शामिल होंगी—
- इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र
- विज्ञान और सामान्य ज्ञान
- प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री
- प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकें
उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी छात्रों को बैठकर पढ़ने और तैयारी करने के लिए एक शांत और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करेगी।
डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक सुविधाएं
इस पुस्तकालय की सबसे खास बात इसकी डिजिटल लाइब्रेरी है, जहां छात्र ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से भी अध्ययन कर सकेंगे।
इसके अलावा यहां—
- वातानुकूलित (AC) सभागार
- बहुद्देश्यीय हॉल
- कॉफी शॉप
- एटीएम
- पुस्तक दुकान
जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे यह स्थान एक आधुनिक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित होगा।
सुझावों के आधार पर और बढ़ेंगी सुविधाएं
उपायुक्त ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में इस लाइब्रेरी की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जाएगा।उन्होंने कहा कि—
“यहां पढ़ने आने वाले छात्रों और नागरिकों के सुझावों के आधार पर सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।”
साथ ही लाइब्रेरी के संचालन के लिए पांच अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है, जो इसकी गतिविधियों की निगरानी करेगी।
समाज की भागीदारी भी जरूरी
इस लाइब्रेरी को सफल बनाने के लिए समाज की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।उपायुक्त ने जानकारी दी कि कई लोगों ने इस लाइब्रेरी के लिए किताबें दान भी की हैं। इससे पुस्तकालय का संग्रह और समृद्ध होगा।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पहल में सहयोग करें और ज्ञान के इस केंद्र को मजबूत बनाने में योगदान दें।
ग्रामीण और शहरी छात्रों के लिए समान अवसर
दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी समान अवसर प्रदान करना है।यहां उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
शुभारंभ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी, छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्णा कुमार सहित कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
जमशेदपुर के साकची में शुरू हुई दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।यह न केवल एक पुस्तकालय है, बल्कि छात्रों, युवाओं और ज्ञान प्रेमियों के लिए एक आधुनिक अध्ययन केंद्र है, जो भविष्य में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।यदि इस लाइब्रेरी का संचालन सही तरीके से किया जाता है, तो यह आने वाले वर्षों में झारखंड के सबसे प्रमुख अध्ययन केंद्रों में से एक बन सकता है।




